Sonipat Murder Case: सोनीपत में दिनदहाड़े क्रिकेट कोच की गोली मारकर हत्या, नगर पालिका चुनावी रंजिश बनी वजह
हरियाणा के सोनीपत जिले के गन्नौर इलाके में सोमवार को गोलियों की गूंज से हड़कंप मच गया। नगर पालिका चुनाव की पुरानी रंजिश में हमलावरों ने स्थानीय क्रिकेट कोच रामकरण की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात गन्नौर के एसडीएच सरकारी अस्पताल के पास उस वक्त हुई जब बाजार में लोगों की आवाजाही चल रही थी। हमले के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए, जबकि घायल कोच को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत और गुस्से का माहौल है।
मृतक रामकरण पेशे से क्रिकेट कोच थे और स्थानीय स्तर पर युवाओं को खेल प्रशिक्षण देने के लिए जाने जाते थे। उनकी पुत्रवधु गन्नौर नगर पालिका के वार्ड नंबर 12 से पार्षद हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की वजह नगर पालिका चुनाव से जुड़ी पुरानी राजनीतिक रंजिश है। जिस व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगा है, वह गन्नौर नगर पालिका का पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष सुनील उर्फ लंबू बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों परिवारों के बीच पिछले कई महीनों से चुनावी वर्चस्व को लेकर तनाव बना हुआ था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार सुबह रामकरण अस्पताल के पास किसी परिचित से मिलने जा रहे थे, तभी अचानक बाइक सवार हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं। एक के बाद एक कई राउंड फायर किए गए, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल रामकरण को तुरंत पास के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन ज्यादा खून बह जाने के कारण उन्होंने कुछ ही घंटों बाद दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही सोनीपत पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि हमला पूरी योजना के तहत किया गया था। आरोपी सुनील लंबू और उसके साथियों की तलाश में पुलिस ने कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।
सोनीपत एसपी ने बताया कि मृतक के परिजनों की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। प्रशासन ने घटना के बाद गन्नौर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
इस वारदात ने न केवल स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है बल्कि खेल जगत में भी शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को जल्द सजा दिलाने की मांग की है। रामकरण को एक समर्पित कोच और शांत स्वभाव के व्यक्ति के रूप में जाना जाता था, और उनकी असमय मृत्यु ने समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है।



