महिलाओं की सुरक्षा भी नहीं कर पा रही ट्रिपल इंजन सरकार : नीलम चौधरी
महिला मुख्यमंत्री के राज में भी सुरक्षित नहीं है महिलाएं
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : राजधानी दिल्ली में महिलाएं अब ना तो घरों के भीतर सुरक्षित और ना ही घरों के बाहर | यह कहना है समस्त रोहताश नगर आर.डब्लू.ए.की अध्यक्ष बाबरपुर जिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष नीलम चौधरी का | नीलम चौधरी कहती है दिल्ली किक्मन एक महिला मुख्यमंत्री के हाथ में है बावजूद इसके दिल्ली में महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ते जा रहे है | नीलम चौधरी कहती हैं आंकड़ों भले ही दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 5.7 फीसदी की गिरावट दर्ज बता रहे है. इसके बावजूद, दिल्ली नें लगातार तीसरे वर्ष महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित ‘मेगा सिटी’ होने का स्थान बरकरार रखा है.

वर्ष 2023 में दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 13 हजार 366 मामले दर्ज किए गए, जो कि देश के अन्य बड़े महानगरों की तुलना में काफी अधिक हैं. इनमें बलात्कार, उत्पीड़न, छेड़छाड़, दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या जैसे मामले शामिल हैं | राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की नई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है | नीलम चौधरी कहती है राजधानी दिल्ली एक बार फिर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर शर्मसार हुई है। दिल्ली विश्वविद्यालय की एक छात्रा पर दिनदहाड़े एसिड अटैक की वारदात ने पूरे शहर में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। रविवार, 26 अक्टूबर की सुबह अशोक विहार स्थित लक्ष्मीबाई कॉलेज के पास छात्रा अपनी एक्स्ट्रा क्लास के लिए जा रही थी, तभी एक बाइक सवार युवक ने उसके ऊपर तेज़ाब फेंक दिया।
हमले में छात्रा ने खुद को बचाने की कोशिश की, जिससे उसका चेहरा तो सुरक्षित रहा, लेकिन दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए। राहगीरों की मदद से घायल छात्रा को तत्काल दीपचंद बंधु अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे आरएमएल अस्पताल रेफर किया गया। नीलम चौधरी कहती हैं इस घटना के बाद दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। छात्र संगठनों ने इसे सरकार और प्रशासन की नाकामी करार दिया है। नीलम चौधरी कहती हैं “दिनदहाड़े दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा पर एसिड फेंका गया, यह केवल अपराध नहीं बल्कि शासन की नाकामी का प्रमाण है। अगर दिल्ली पुलिस और सरकार महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर होतीं, तो ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होतीं।” नीलम चौधरी नें इस घटना को प्रशासनिक असंवेदनशीलता और सरकारी विफलता बताया।
उन्होंने कहा कि “राजधानी में महिला कॉलेज के सामने दिन के उजाले में एसिड अटैक होना बेहद चौंकाने वाला है। जब तक दोषियों को सख्त सज़ा नहीं दी जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था नहीं सुधारी जाएगी, ऐसी घटनाएं जारी रहेंगी। पूर्व में मिरांडा हाउस के पास भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नीलम चौधरी कहती हैं दिल्ली में महिलाएं ना घर के भीतर सुरक्षित महसूस करती और ना ही घर के बाहर यह चिंता का विष्ट है ट्रिपल इंजन सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए |



