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डी.टी.सी.को घाटे से उबारने के प्रयास शुरू किए दिल्ली सरकार ने : निर्मल गुप्ता

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निर्मल गुप्ता
डी.टी.सी.को घाटे से उबारने के प्रयास शुरू किए दिल्ली सरकार ने : निर्मल गुप्ता

डी.टी.सी.को घाटे से उबारने के प्रयास शुरू किए दिल्ली सरकार ने : निर्मल गुप्ता

दिल्ली सरकार कई योजनाओं पर काम शुरू कर रही है

नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिल्ली सरकार को दो मोर्चों पर काम करना पड़ रहा है एक मोर्चा तो वह जो ढांचा अपने दस साल के शासन में आम आदमी पार्टी की सरकार ध्वस्त करके गई है उसे सुधारना है और दूसरा वह कि दिल्ली की जनता को ट्रिपल इंजन की सरकार के तहत नई नई विकास योजनायें बनाकर देनी है | यह कहना है आर.डब्लू.ए.विवेक विहार के अध्यक्ष निर्मल गुप्ता का | निर्मल गुप्ता कहते हैं दिल्ली जल बोर्ड हो या दिल्ली परिवहन निगम सब घाटे में चल रहे है रेखा गुप्ता सरकार के लिए इस घाटे की भरपाई के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है |

अकेले डी.टी.सी.ही पूर्व सरकार की बदइंतजामी के कारण 60 हजार करोड़ के घाटे में चल रही है डीटीसी को उबारकर उसे बेहतरीन परिवहन सेवा में बदलने के रेखा गुप्ता सरकार नें प्रयास करने शुरू कर दिए है |। इसके लिए छोटी और बड़ी बसों की संख्या तो बढ़ाई जा रही है, साथ ही इनके रूट भी इस तरह से बनाए जा रहे हैं ताकि लोगों की पहुंच उन तक आसानी से हो जाए। मुख्मंत्री रेखा गुप्ता नें इस बाबत बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि दिल्ली की सभी परिवहन सेवाओं जैसे डीटीसी, मेट्रो, आआरटीएस के लिए एक ही स्मार्ट कार्ड लाने जा रहे हैं। इसमें दिल्ली की महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के लिए पिंक कार्ड भी शामिल है जिसके आधार पर वे डीटीसी में फ्री सफर कर सकेंगी। 60 हजार करोड़ के घाटे में चल रही दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की दशा ठीक करने के लिए दिल्ली सरकार कई योजनाओं पर काम शुरू कर रही है।

मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने परिवहन विभाग की एक उच्चस्तरीय बैठक की। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली में डीटीसी के अधीन 660 छोटी इलेक्ट्रिक बसें और 1800 बड़ी इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। ईवी बेड़े में कुल 4800 बसें हैं। इसके अलावा सीएनजी 1800 बसें हैं। ई-बसों के आने से डीटीसी की पहुंच तो बढ़ी है, लेकिन इनके रूट पुराने हैं, जिससे यह बसें पूरी दिल्ली के यात्रियों को कवर नही कर पा रही है। आईआईटी दिल्ली के साथ मिलकर बसों का नया रूट बनाया गया है। यह रूट दिल्ली के छोटे इलाकों को कवर करने के साथ ही मेट्रो से भी यात्रियों को जोड़ेगा। प्रयोग के तौर पर यमुनापार में यह सिस्टम लागू किया जा रहा है। उसके बाद दिल्ली भर में लागू कर दिया जाएगा।

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