CV Anand Bose: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस अस्पताल में भर्ती, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जताई चिंता
पश्चिम बंगाल से एक अहम खबर सामने आई है, जिसने राज्य और देशभर के नागरिकों को चिंता में डाल दिया है। राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस को सीने में तकलीफ महसूस होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना सोमवार सुबह लगभग 10 बजे हुई, जब उन्हें कोलकाता के पूर्वी कमान अस्पताल में ले जाया गया। फिलहाल अस्पताल में डॉक्टरों की एक टीम उनकी हालत की निगरानी कर रही है और आवश्यक जांच की जा रही है।
राजभवन द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान में बताया गया कि राज्यपाल डॉ. बोस को हाल ही में असुविधा महसूस हुई, जिसके बाद एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन उनकी मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी हालत के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी। इस समय उनकी हालत को लेकर कोई विशेष खतरे की बात सामने नहीं आई है।
गवर्नर डॉ. सीवी आनंद बोस पिछले कई दिनों से राज्य के विभिन्न हिस्सों में व्यस्त थे। हाल ही में उन्होंने मुर्शिदाबाद और मालदा जिले का दौरा किया था, जहां वक्फ संशोधन अधिनियम को लेकर हिंसा भड़की थी। गवर्नर ने न केवल प्रभावित इलाकों का दौरा किया, बल्कि उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की और केंद्र सरकार को वहां की जमीनी स्थिति पर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी भी निभाई। उनकी सक्रियता और पहल ने राज्य में शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित किया।
राज्यपाल की तबीयत को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी चिंतित नजर आईं। सोमवार को जब मुख्यमंत्री पश्चिम मेदिनीपुर के सालबोनी जाने के लिए रवाना हो रही थीं, तो उन्होंने अस्पताल जाकर राज्यपाल डॉ. बोस से मुलाकात की। हावड़ा के डुमुरजोला हेलीपैड पर रवाना होते वक्त ममता बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं राज्यपाल से मिलने के लिए कमान अस्पताल गई थी, क्योंकि वह बीमार हैं। मैंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि राज्यपाल के स्वास्थ्य की हर स्तर पर निगरानी रखी जाए और आवश्यक कदम उठाए जाएं।”
डॉ. सीवी आनंद बोस कौन हैं?
डॉ. सीवी आनंद बोस, 1977 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जिन्हें 23 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रशासनिक अनुशासन और संवेदनशील मुद्दों पर सक्रियता दोनों को बखूबी निभाया है। उनका हालिया कार्यक्षेत्र मुर्शिदाबाद हिंसा के दौरान उनके द्वारा की गई कार्रवाई को दर्शाता है, जब उन्होंने घटनास्थल पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। उनकी कार्यशैली और जनता से जुड़ाव ने उन्हें राज्य में एक मजबूत और प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित किया है।
राज्य के नागरिक और राजनीतिक हलकों में डॉ. बोस की सेहत को लेकर चिंता जताई जा रही है, और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।



