शराबबंदी वाले बिहार में एक बार फिर जहरीली शराब ने कहर मचाया है। सीवान जिले में पिछले 24 घंटों में जहरीली शराब पीने से 7 लोगों की मौत हो गई है। एक मौत गोपालगंज में भी हुई है। 14 से ज्यादा लोगों की हालत गंभीर है। इनमें 6 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई। जहरीली शराब से मौतों के लक्षण और सदर अस्पताल के साथ नबीगंज-बसंतपुर PHC में मची अफरातफरी के बावजूद प्रशासन को बयान देने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
प्रशासन से संदिग्ध पांच मौतों की अबतक पुष्टि की है। सदर अस्पताल में पांच का इलाज चल रहा है, बाकी रेफर होते जा रहे हैं। भर्ती और रेफर ज्यादातर मरीज आंखों से कम दिखने की शिकायत के साथ आए हैं। प्रशासन भले ही जहरीली शराब से मौत नहीं मान रहा है, लेकिन इन मौतों के बाद 16 लोगों को शराब तस्करी और बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। नबीगंज ओपी अध्यक्ष सूरज प्रसाद और चौकीदार मोहमद शमील को निलंबित किया गया है। पुलिस की अबतक की जांच में सामने आया है कि सैनिटाइजर बनाने के नाम पर मंगाई गई स्प्रिट से यह जहरीली शराब बनी थी।
जहरीली शराब के अधिकतर मामले जिले के लकड़ी नवीगंज OP थाना क्षेत्र के बाला और भोपतपुर गांव में हैं। रविवार शाम को अचानक एक-एक करके मरीज सदर अस्पताल आने लगे। देर शाम अस्पताल पहुंचते वक्त एक व्यक्ति की मौत हो गई। रात में दो और लोगों ने दम तोड़ दिया। सोमवार सुबह से अब तक 5 लोगों की जान चली गई। सोशल मीडिया और गांव के लोगों का कहना है कि मरने वालों की संख्या 8 से ज्यादा है। 41 दिन पहले छपरा में 70 से ज्यादा मौतें हो गई थीं।



