मध्यप्रदेश के उज्जैन में हर साल आयोजित होने वाले कार्तिक मेले में एक युवक की हत्या कर दी गई। जिससे गुस्साए लोगों ने मेले में घुसकर तोड़फोड़ कर दी। जिसके बाद जिला प्रशासन ने मेला समाप्ति की घोषणा कर दी। इधर शव का अंतिम संस्कार के लिए उसके निवास आगर मालवा ले जाया जा रहा था। इस दौरान घटना से नाराज समाज के लोगों ने चक्काजाम कर दिया। दरअसल, कार्तिक मेले में बीती रात छेड़छाड़ का विरोध करने के बाद हुई युवक की हत्या से गुस्साए परिजनों ने आज कार्तिक मेला परिसर स्थित घटना स्थल वाले नाव झूले पर जमकर तोड़फोड़ कर दी। मृतक युवक दीपू जादम की मौसेरी बहन नाव वाले झूले में बैठी थी। इस दौरान उसकी बहन पर कुछ आरोपी भद्दे कमेंट कर रहे थे। युवक ने उनको ऐसा करने से रोका, तो आरोपियों ने उसके सीने में चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी। हमलावर की संख्या लगभग 20-25 बताई जा रही है। पुलिस ने अभी कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
इस घटना के विरोध में आज सुबह परिजन और हिंदूवादी संगठन के लोगों ने शव को घटनास्थल पर रखकर चक्काजाम कर दिया। मेले में जमकर तोड़फोड़ भी की गई। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने मेला खत्म करने की मांग उठाई। महाकाल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। नगर निगम ने कार्तिक मेला की अंतिम तारीख 6 दिसंबर घोषित की थी। एडीएम संतोष टैगोर ने मेला अधिकृत रूप से समाप्त करने के निर्देश जारी कर दिए। 22 साल के दीपू जादम के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। घर में उसकी मां, दादी और दो छोटे भाई है। दीपू 10वीं का स्टूडेंट था और खेती-बाड़ी भी देखता था। घर की पूरी जिम्मेदारी उसी पर थी।



