अनधिकृत कॉलोनियों में विकास से बदलेगी तस्वीर जनता को मिलेगा सीधा लाभ : रोमेश चंद गुप्ता
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार): दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में लंबे समय से चली आ रही सड़क, जल निकासी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा पांच विधानसभा क्षेत्रों की अनधिकृत कॉलोनियों में 214.12 करोड़ रुपये की लागत से 53 विकास कार्यों की शुरुआत किए जाने से करीब 1.75 लाख लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। इन कार्यों के तहत सड़कों, गलियों और ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा। इस अवसर पर दिल्ली नगर निगम की पूर्व शिक्षा समिति के चेयरमैन एवं भाजपा नेता रोमेश चंद गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की जनता ने विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा पर जो विश्वास जताया था, सरकार उसी विश्वास को विकास कार्यों के माध्यम से पूरा करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि ट्रिपल इंजन सरकार लगातार जनहित में काम कर रही है और इसका सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है। रोमेश चंद गुप्ता ने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को वर्षों से खराब सड़कों, जलभराव और जल निकासी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। अब इन क्षेत्रों में बड़े स्तर पर विकास कार्य शुरू होने से लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनकी रोजमर्रा की परेशानियों को भी दूर किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि 53 विकास कार्यों के अंतर्गत 27 अनधिकृत कॉलोनियों में 1,062 सड़कों और गलियों का विकास किया जाएगा। इसके अलावा लगभग 89.82 किलोमीटर सड़क नेटवर्क और 147.69 किलोमीटर ड्रेनेज नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इससे न केवल आवागमन सुगम होगा बल्कि बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव के समय जनता से विकास और बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के जो वादे किए थे, उन्हें अब प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। सरकार का ध्यान केवल बड़े प्रोजेक्टों तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉलोनियों की गलियों और स्थानीय स्तर की समस्याओं को भी दूर करने पर है। रोमेश चंद गुप्ता ने कहा कि किराड़ी, बवाना, मुंडका, नरेला और नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्रों में शुरू किए गए ये कार्य हजारों परिवारों के लिए उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने से जनता को सरकार के काम का प्रत्यक्ष लाभ दिखाई देगा और दिल्ली में बुनियादी सुविधाओं का ढांचा और मजबूत होगा।



