सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत काम करना शुरू करे सरकार और प्रशासन : मोहिनी जीनवाल
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को देशभर में पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त रास्ते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। बेंच ने कहा कि पैदल मार्ग को मोटर वाहनों से अलग रखा जाए और दो सप्ताह में उठाए गए कदमों की जानकारी पेश की जाए। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जारी किए गए निर्देशों पर बात करते हुए आम आदमी पार्टी की निगम पार्षद मोहिनी जीनवाल ने कहा कि पैदल चलने वाले यात्रियों के हक और उनके न्याय की आवाज को बुलंद किया है सुप्रीम कोर्ट ने। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण सिर्फ दिल्ली की एक सड़क या एक मार्ग पर नहीं बल्कि पूरी दिल्ली में, यमुना पार की सभी सड़कों पर, सभी मार्गों पर इस तरह से पसरा हुआ है कि पैदल चलने वाले यात्रियों को जगह तक नहीं मिलती। मोहिनी जीनवाल ने कहा की अतिक्रमण की वजह से पैदल चलने वालों की हालत इतनी बुरी है कि पैदल यात्रियों को ट्रैफिक के बीच में से निकल कर जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी दिक्कत की बात यह भी थी कि अतिक्रमण को हटाने के लिए ना तो सरकार कोई कार्य कर रही थी और ना ही प्रशासन, दोनों ही शांत बैठकर पैदल चलने वाले यात्रियों को परेशान होता देख रहे थे। मोहिनी जीनवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जारी किए गए निर्देशों से निश्चित ही पैदल चलने वाले यात्रियों को अब राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब जल्द से जल्द सरकार और प्रशासन को लोनी रोड, मंडोली रोड और अन्य सभी सड़कों से अतिक्रमण को हटाने के लिए तुरंत कार्य करने शुरू करने चाहिए।



