सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से बढ़ी लोनी रोड के अतिक्रमण से मुक्त होने की उमीद : देवेंद्र शर्मा
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए है कि देश में जहां भी सड़क हो, वहां पैदल चलने वालों के लिए स्पष्ट रूप से चिह्नित और अतिक्रमण मुक्त स्थान सुनिश्चित किया जाए। बेंच ने कहा कि पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना बड़े निर्माण या भारी निवेश का नहीं बल्कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और बेहतर व्यवस्था का विषय है। बेंच ने कहा कि जरूरत पड़ने पर रस्सी, बैरिकेड या अन्य सरल उपायों से भी पैदल मार्ग को मोटर वाहनों की लेन से अलग किया जा सकता है। बेंच ने स्पष्ट किया कि पैदल यात्रियों को यह भरोसा होना चाहिए कि उनके लिए तय स्थान सुरक्षित है और वहां तेज रफ्तार वाहनों का खतरा नहीं होगा। लोनी रोड निवासी, प्रमुख समाजसेवी देवेंद्र शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पैदल चलने वाले यात्रियों की आवाज को बुलंद किया है जो कई वर्षों से अतिक्रमण ने दबा रखी थी। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण की वजह से पिछले कई वर्षों से पैदल चलने वाले यात्री परेशान थे लेकिन ना तो सरकार अतिक्रमण को हटाने के लिए कुछ कर रही थी और ना ही प्रशासन। श्री शर्मा ने कहा कि अतिक्रमण को हटाने के मुद्दे पर काफी समय से सरकार और प्रशासन दोनों ही चुप बैठे थे लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश से निश्चित ही सरकार और प्रशासन को अतिक्रमण पर सख्त कदम लेने ही होंगे। उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों से मंडोली रोड और लोनी रोड पर अतिक्रमण ने अपने पैर पसारे हुए है, मंडोली रोड और लोनी रोड पर अतिक्रमण किस हद तक पसरा हुआ है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंडोली रोड और लोनी रोड पर पैदल चलने वाले यात्रियों के लिए तो रास्ता ही नहीं होता, पैदल चलने वाली यात्री ट्रैफिक के बीच से निकलते है। श्री शर्मा ने कहा कि मंडोली रोड और लोनी रोड पैदल चलने वालों के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है, रोड पर चलते हुए अधिकतर रिक्शा वाले लोगों से टकरा जाते है। उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद अभी तक सरकार और प्रशासन दोनों शांत बैठे है, दोनों ने ही अभी तक अतिक्रमण को हटाने के लिए कोई कार्य शुरू नहीं किया है, उम्मीद है आगे आने वाले दिनों में सरकार और प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत अतिक्रमण को हटाने के लिए कार्य करना शुरू करेंगे।



