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Jammu Kashmir Drone: सांबा में संदिग्ध ड्रोन मिलने से हड़कंप, फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया, सीमा पार गतिविधि की आशंका

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Jammu Kashmir Drone: सांबा में संदिग्ध ड्रोन मिलने से हड़कंप, फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया, सीमा पार गतिविधि की आशंका

जम्मू, 14 जुलाई। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में मंगलवार सुबह एक संदिग्ध ड्रोन मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित इलाके में खुले खेत से बरामद हुए इस ड्रोन को सेना ने अपने कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि यह ड्रोन सीमा पार से भेजा गया हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

अधिकारियों के अनुसार, यह ड्रोन सांबा जिले के देवक क्षेत्र के पास एक खेत में पड़ा मिला। चक सलारिया गांव के एक स्थानीय निवासी ने सुबह करीब 5:50 बजे मॉर्निंग रन के दौरान खेत में एक संदिग्ध वस्तु देखी। पास जाकर देखने पर उसे ड्रोन जैसा उपकरण दिखाई दिया। ग्रामीण ने बिना देरी किए इसकी सूचना नजदीक तैनात सेना की यूनिट को दी।

सूचना मिलते ही सेना के जवान मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर ड्रोन को अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों ने स्थानीय निवासी की सतर्कता की सराहना करते हुए कहा कि समय पर सूचना मिलने से सुरक्षा एजेंसियां तुरंत कार्रवाई कर सकीं।

सेना और सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह ड्रोन कहां से आया, इसका उद्देश्य क्या था और इसका इस्तेमाल किस मकसद से किया जाना था। चूंकि सांबा जिला अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब स्थित है, इसलिए जांच एजेंसियां सीमा पार से ड्रोन भेजे जाने की संभावना को भी गंभीरता से देख रही हैं।

इस घटना से एक रात पहले सोमवार को भी इलाके में संदिग्ध हवाई गतिविधि दर्ज की गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, रात करीब 9 बजे नंदपुर गांव के पास तैनात सेना के जवानों ने अरनिया की दिशा से एक अज्ञात उड़ने वाली वस्तु को आते हुए देखा था। उसे ड्रोन होने का संदेह होने पर सेना ने तत्काल एंटी-ड्रोन प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिया और उसे निष्क्रिय करने के लिए जामिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया।

सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि मंगलवार सुबह खेत से बरामद हुआ ड्रोन वही हो सकता है, जिसे जामिंग ऑपरेशन के दौरान नियंत्रण खोने के बाद नीचे गिराया गया था। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने बरामद ड्रोन को विस्तृत फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि ड्रोन किस देश या कंपनी द्वारा निर्मित है, उसमें किस प्रकार के कैमरे, सेंसर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगे हुए हैं और उसकी उड़ान क्षमता तथा रेंज कितनी थी।

इसके अलावा जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास करेंगी कि ड्रोन का इस्तेमाल जासूसी, हथियारों की तस्करी, नशीले पदार्थों की सप्लाई, नकदी पहुंचाने या किसी अन्य अवैध गतिविधि के लिए किया जा रहा था या नहीं। फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह सामान्य ड्रोन था या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों, विशेषकर सांबा, कठुआ और जम्मू सेक्टर में सीमा पार से ड्रोन भेजने की घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इन ड्रोनों का इस्तेमाल कई बार हथियार, गोला-बारूद, नशीले पदार्थ और नकदी की तस्करी के लिए किया गया है। इसी खतरे को देखते हुए सीमा क्षेत्रों में एंटी-ड्रोन सिस्टम को लगातार मजबूत किया गया है, जिसकी मदद से कई संदिग्ध ड्रोनों को पहले भी जाम या मार गिराया जा चुका है।

फिलहाल सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रही हैं। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी भी तेज कर दी गई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु, ड्रोन या असामान्य गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत सुरक्षा बलों या पुलिस को इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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