Harsh Malhotra: भाजपा की जिला टीमों में सभी को साधने का प्रयास किया हर्ष मल्होत्रा नें जो रह गए उन्हें किया जाएगा अन्य समितियों में एडजस्ट
– अश्वनी भारद्वाज –
नई दिल्ली ,भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व नें जिला पदाधिकारियों की सूची जारी कर दी है | जिसका जिक्र हमने कुछ दिन पूर्व किया था सूची इसी माह जारी होने की उम्मीद जताई थी जैसा हमें हर्ष मल्होत्रा के कुशल नेतृत्व तथा सन्गठन मंत्री पवन राणा से उनके सामजंस्य में उम्मीद थी ठीक वैसा ही हुआ | सूची का अध्ययन करने से एक बात तो हमारी समझ में आई कि उन्होंने किसी को भी फ्री हैंड नहीं दिया | जहां सांसदों की पसंद को अहमियत दी गई तो विधायकों की पसंद को भी खास तवज्जो दी गई ,इतना ही नहीं अपनी पिछली रिपोर्ट में हमने एक शब्द अदृश्य शक्ति का जिक्र किया था जिसकी काफी चर्चा भी हुई थी उनकी रिपोर्ट और संस्तुति को भी काफी महत्व मिला इस सम्भावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता | जिसका असर यह देखने को मिला कि जो लोग पूर्व में पार्टी छोडकर गए थे और बाद में पार्टी में शामिल हो गए या दूसरी पार्टियों से भाजपा में शामिल हुए थे पार्टी नें उनसे दूरी बनाना ही उचित समझा | विधानसभा चुनावों के दौरान हालात कुछ और थे लेकिन ट्रिपल इंजन की सरकार बनने के बाद हालात में काफी बदलाव आया है | पार्टी में दूसरे दलों से आये नेताओं को महत्व मिलने से भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं में काफी रोष पनप रहा था लिहाजा सन्गठन में ऐसे लोगो को जरूरत से ज्याद महत्व नहीं देने की रणनीति पर पार्टी नें गम्भीरता से विचार किया जिसकी झलक सूची देखने में मिलती है बेहद चंद ऐसे लोगो को टीम में शामिल किया गया जो पार्टी छोड़ कर गए थे या नये -नये पार्टी में आये हैं | पार्टी नें सन्गठन में जमीन से जुड़े अपने कर्मठ कार्यकर्ताओं को ही तरजीह दी है | जहां तक जिला अध्यक्षों का सवाल है उनकी पसंद के कार्यकर्ताओं को भी महत्व दिया गया है | यहाँ यह भी उल्लेख करना जरूरी है कि भाजपा में पदों की संख्या सीमित होती है लिहाजा कई समर्पित और डिजर्व करने वाले लोगो को मौका नहीं मिल सका लेकिन इसका मतलब यह कत्तई नहीं है की पार्टी की नजरो में उनका महत्व कम है | ऐसे लोगो की सूची भी पार्टी के पास है और उन्हें भी पार्टी कहीं न कहीं एडजस्ट करना चाहेगी क्योंकि भाजपा के पास देने को बहुत कुछ है अभी प्रदेश की टीम बननी है इसके अलावा दिल्ली सरकार के बोर्ड तथा कमेटियों का गठन भी होना है | यहाँ हम यह जिक्र नहीं करना चाहते किस का नाम क्यों कटा और किसके कहने से नाम जुड़ा इसकी चर्चा फिर कभी | आज बस इतना ही …


