Hanumangarhi Mahant Sant Ramdas Death: हनुमानगढ़ी के महंत संत रामदास का निधन, CM योगी ने जताया शोक
अयोध्या: अयोध्या की प्रसिद्ध धार्मिक पीठ हनुमानगढ़ी के महंत संत रामदास का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले कई महीनों से अस्वस्थ थे और उच्च रक्तचाप तथा मधुमेह जैसी बीमारियों का इलाज करा रहे थे। उनके निधन से अयोध्या के संत समाज, श्रद्धालुओं और उनके अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ गई है।
हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने सोशल मीडिया पर महंत संत रामदास के निधन की जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनके पूज्य गुरुदेव का गोलोकवास हो गया है। उन्होंने बताया कि महंत की अंतिम यात्रा शनिवार शाम हनुमानगढ़ी से निकाली जाएगी और सरयू तट स्थित नया घाट (कच्चा घाट) पर वैदिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत संत रामदास के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त श्रद्धालुओं तथा अनुयायियों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
बताया गया है कि महंत संत रामदास पिछले करीब आठ महीनों से बीमार थे। हाल ही में उनका इलाज मेदांता अस्पताल में चल रहा था। उपचार के बाद वह तीन दिन पहले ही अयोध्या लौटे थे, लेकिन अचानक उनके निधन की खबर से संत समाज स्तब्ध रह गया।
महंत संत रामदास का अयोध्या के धार्मिक और आध्यात्मिक जीवन में विशेष स्थान था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अयोध्या प्रवास के दौरान समय-समय पर उनसे मुलाकात कर आशीर्वाद लेते थे। उन्हें गदा और रामनामा भेंट कर सम्मानित भी किया गया था। हनुमानगढ़ी के वर्तमान महंत राजू दास उनके प्रमुख शिष्यों में शामिल हैं।
महंत संत रामदास के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संत हनुमानगढ़ी पहुंच रहे हैं। उनके निधन को अयोध्या के संत समाज के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।



