Pawan Khera Bail:सुप्रीम कोर्ट से पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत, जांच में सहयोग और थाने में पेश होने की शर्त
सुप्रीम कोर्ट: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है। 30 अप्रैल 2026 को हुई सुनवाई के बाद जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने यह राहत दी। कोर्ट ने साफ कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण जरूरी है और इसे बिना ठोस आधार के खतरे में नहीं डाला जा सकता।
अदालत ने निर्देश दिया कि क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन के केस नंबर 04/2026 में गिरफ्तारी की स्थिति में पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत पर रिहा किया जाए। हालांकि, कोर्ट ने उनके लिए कुछ सख्त शर्तें भी तय की हैं।
मामला हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइंया से जुड़े बयान को लेकर दर्ज हुआ था, जिसमें खेड़ा द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हुआ था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में किसी की आजादी से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत के दौरान की गई टिप्पणियां अंतिम फैसले को प्रभावित नहीं करेंगी।
कोर्ट द्वारा तय प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं: पवन खेड़ा को जांच में पूरा सहयोग करना होगा और जब भी पुलिस स्टेशन में बुलाया जाएगा, उन्हें उपस्थित होना पड़ेगा। वह किसी भी तरह से सबूतों के साथ छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा बिना सक्षम अदालत की अनुमति के देश छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
अदालत ने ट्रायल कोर्ट को यह अधिकार भी दिया है कि वह जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त शर्तें लगा सके। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि जमानत के दौरान जिन दस्तावेजों और तथ्यों का जिक्र हुआ है, उनका केस के अंतिम निर्णय से कोई संबंध नहीं होगा।
गौरतलब है कि इससे पहले पवन खेड़ा ने निचली अदालत और गुवाहाटी हाईकोर्ट में भी अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।



