Parshuram jayanti celebration delhi: महेंद्र पाराशर की अध्यक्षता में धूमधाम से मनाई गई परशुराम जयंती
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : ब्राह्मण समाज संस्था द्वारा परशुराम भवन में भगवान परशुराम का जन्मदिन, पं महेंद्र सिंह पाराशर की अध्यक्षता में बड़े ही श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया | भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम, जी के जन्मोत्सव पर सभी उपस्थित लोगों ने बड़ी विधि विधान से पूजा अर्चना की। जल अक्षत, चंदन, फूल, फल, मिठाई और नारियल अर्पित कर भगवान परशुराम जी का पूजन किया गया. यहाँ यज्ञ का भी आयोजन हुआ तथा सभी ने एक दूसरे परिवार की सुख समृद्धि व कल्याण की कामना की. आयोजन को लेकर पूरे ब्राह्मण समाज में उत्साह व उल्लास का माहौल देखने को मिला. अध्यक्ष पंडित महेंद्र सिंह पाराशर ने कहा कि सत्य, पराक्रम और धर्म के प्रतीक भगवान परशुराम आप सभी को शक्ति और सफलता प्रदान करें। कार्यक्रम में राजकुमार प्रधान, काशीराम डोगरा, राजन बाबू, कृष्ण दत्त शर्मा, संदीप शर्मा, मयंक शर्मा, प्रमोद कुमार शर्मा, जितेंद्र कुमार शर्मा, जयप्रकाश समाधिया, नरेन्द्र कुमार शर्मा, श्यामलाल शर्मा, राजेंद्र शर्मा, ब्रह्मराज शर्मा, विनोद शर्मा, दीपक शर्मा के साथ साथ कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर सभी के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई थी. इस मौके पर महेंद्र पाराशर नें कहा परशुराम जी के आदर्श हमे सिखाते हैं कि शक्ति का उपयोग कमजोर की रक्षा के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ने भगवान शिव से शिक्षा लेकर, गुरु की हर आज्ञा का पालन किया। उन्होंने समाज की सीख दी कि ज्ञान के साथ विनम्रता ही सच्चा बल है। 21 बार पृथ्वी जीतने के बाद सारा राज्य ऋषि कश्यप को दान कर दिया। उनके यह आचरण हमें सिखाते हैं कि अधिकार पाकर छोड़ देना, यही सबसे बड़ा तप है। श्री पाराशर नें कहा कि भगवान परशुराम ब्राह्मण कुल में जन्मे पर क्षत्रिय धर्म निभाया। यानी जन्म से नहीं, कर्म से व्यक्ति की पहचान बनती है। आज हमें भगवान परशुराम से सीखना है कि शिक्षा के साथ साहस जरूरी है। अपने हक के लिए बोलना, गलत का विरोध करना, पर मर्यादा कभी न छोड़ना।



