Nari Shakti Vandan Adhiniyam: महिलाओं की आवाज को संसद व विधानसभा मे मजबूती, देगा नारी शक्ति वंदन अधिनियम : मुकेश गोयल
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारत में महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून है। यह कहना है उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद प्रतिनिधि वरिष्ठ भाजपा नेता मुकेश गोयल का | मुकेश गोयल कहते हैं यह अधिनियम संसद लोकसभा व राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करता है, ताकि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ सके। मुकेश गोयल कहते हैं प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी इसके माध्यम से नारी शक्ति को आगे बढ़ाने की दिशा में बढ़ रहे है जो शायद विपक्षी नेताओं को अखर रहा है | और अलग-अलग राग अलाप कर ही इसका विरोध कर रहे हैं | मुकेश गोयल कहते हैं विपक्ष का काम केवल विरोध करना ही रह गया है | मुकेश गोयल कहते हैं महिलाओं के आरक्षण की मांग कई वर्षों से चल रही थी। और भाजपा शुरू से ही इसकी पक्षधर रही है | मुकेश गोयल कहते हैं मोदी सरकार द्वारा भारत की संसद एवं सभी प्रदेशों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण एक ऐतिहासिक निर्णय व प्रभावी कदम है । सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू किया है। यह अधिनियम संसद (लोकसभा) और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण प्रदान करता है। मुकेश गोयल कहते हैं भारत में लंबे समय से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। वर्षों से लंबित महिला आरक्षण की मांग को अब विधिक स्वरूप प्रदान किया गया है। यह अधिनियम लोकतंत्र में लैंगिक समानता को सुदृढ़ करता है। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। बार यह बिल 1996 में पेश हुआ था, लेकिन पास नहीं हो सका। यह महिलाओं की आवाज को संसद व विधानसभा मे बहुत मजबूती देगा। यह भाजपा की ही देन है क्यूंकि भाजपा महिला और समाज के हर वर्ग के बारे मे चिंतन करती है। मुकेश गोयल कहते हैं नारिशक्ति वंदन अधिनियम का मकसद है कि महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिले । नीति निर्माण में महिलाओं की समुचित भागीदारी हो । लोकतंत्र और अधिक समावेशी बनेगा, एक तिहाई आरक्षण लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में कुल सीटों का एक तिहाई महिलाओं के लिए आरक्षित होगा। यह आरक्षण 15 वर्षों के लिए लागू रहेगा आवश्यकता अनुसार आगे बढ़ाया जा सकता है। सीटों का रोटेशन आरक्षित सीटें हर चुनाव में बदलती रहेंगी, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाओं को अवसर मिले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले से दूरगामी सोच रखते हुए महिलाओं को सशक्त बनाया है।



