ITPO Retirement: आईटीपीओ के वरिष्ठ प्रबंधक (पीआर) संजय वशिष्ठ सेवा सेवानिवृत्त
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार) इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन के पब्लिसिटी विभाग में वरिष्ठ प्रबंधक (जनसंपर्क) के पद पर कार्यरत संजय वशिष्ठ 35 वर्षों समर्पित सेवा के उपरांत सेवानिवृत्त हो गए। उनके विदाई अवसर पर जहां एक ओर संस्था ने उनके योगदान को नमन किया, वहीं सहकर्मियों ने उन्हें एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व के रूप में याद किया।
अपने लंबे कार्यकाल के दौरान संजय वशिष्ठ ने आईटीपीओ की छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से जी-20 समिट से जुड़े आयोजनों में उनका योगदान अत्यंत अहम रहा। उन्होंने पब्लिसिटी और जनसंपर्क से जुड़े कई जटिल प्रबंधनों को कुशलतापूर्वक संभालते हुए सूचना प्रबंधन, मीडिया हैंडलिंग और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया, जिससे आयोजन की सफलता सुनिश्चित हुई।
उनके नेतृत्व और अनुभव के चलते कई महत्वपूर्ण चुनौतियों का समय रहते समाधान किया गया। जी-20 जैसे वैश्विक स्तर के आयोजन में उनकी कार्यकुशलता और निर्णय क्षमता ने आईटीपीओ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सहकर्मियों के बीच संजय वशिष्ठ अपनी सादगी, सौम्यता, हंसमुख स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठा के लिए विशेष पहचान रखते थे। उन्होंने हमेशा टीम भावना को प्राथमिकता दी और युवा अधिकारियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इसी क्रम में उनके साथ लगभग 10-11 वर्षों तक कार्य कर चुके वरिष्ठ सहायक (सीनियर असिस्टेंट) प्रेम प्रकाश ने भावुक शब्दों में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि, “संजय वशिष्ठ जैसी शख्सियत को शब्दों में बयां करना आसान नहीं है, उन्हें सिर्फ महसूस किया जा सकता है।” उन्होंने कहा कि वशिष्ठ जी की इंसानियत, सरलता और ईमानदारी ऐसे अनमोल गुण हैं जिन्हें खरीदा नहीं जा सकता।
प्रेम प्रकाश ने आगे कहा, “जो भी व्यक्ति उनके संपर्क में आया, वह उनका मुरीद हो गया। उनके पास बैठने वाला हर व्यक्ति कुछ न कुछ सीखकर ही उठता था। उनका अनुभव और जीवन जीने का तरीका अपने आप में एक प्रेरणा है।”
उन्होंने भावुक होकर यह भी कहा कि, “संजय वशिष्ठ केवल एक कुशल अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन वक्ता, उत्कृष्ट लेखक और हर परिस्थिति में मार्गदर्शन देने वाले सच्चे कर्मयोगी हैं। उनके विचारों में गहराई और शब्दों में ऐसी सादगी है, जो सीधे दिल को छू जाती है।”
प्रेम प्रकाश के अनुसार, उनके साथ बिताया गया समय जीवन की अमूल्य पूंजी है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं। “उन्होंने हमें केवल काम ही नहीं सिखाया, बल्कि जीवन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को भी समझाया,” उन्होंने कहा।
सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित विदाई समारोह में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी। वक्ताओं ने कहा कि वशिष्ठ की कार्यशैली, अनुशासन और अनुभव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।
आईटीपीओ परिवार ने उनके स्वस्थ, सुखद और समृद्ध भविष्य की कामना करते हुए कहा कि संजय वशिष्ठ की सेवाएं संस्था के इतिहास में सदैव सम्मानपूर्वक याद की जाएंगी।
संजय वशिष्ठ का 35 वर्षों का यह सफर केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समर्पण, मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं की एक मिसाल बन गया है।


