Delhi sewer sludge issue: सड़कों पर पड़ी सीवर की गाद बनी मुसीबत, सदन में गूंजा मुद्दा
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार ): दिल्ली की सड़कों पर सीवर सफाई के बाद कई दिनों तक पड़ी रहने वाली गाद (स्लज) अब जनस्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर घोंडा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अजय महावर ने दिल्ली विधानसभा में नियम 280 के तहत जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से ठोस समाधान की मांग की। अजय महावर ने जल मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि जल बोर्ड कर्मियों द्वारा सीवर की सफाई के दौरान निकाली जाने वाली गाद कई-कई दिनों तक सड़कों पर यूं ही पड़ी रहती है। यह गाद सूखने के बाद दोबारा सीवर में चली जाती है, जबकि इसका एक बड़ा हिस्सा हवा में मिलकर प्रदूषण फैलाने का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि इस गाद के कारण आसपास के इलाकों में गंदगी फैलती है और लोगों को दुर्गंध व स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस समस्या पर जल बोर्ड अधिकारियों का तर्क होता है कि संसाधनों की कमी के चलते गाद को तुरंत हटाना संभव नहीं हो पाता।
विधायक ने सदन में यह भी मुद्दा उठाया कि संबंधित विभागों द्वारा इस गाद को निर्धारित स्थानो भलावघर,डंपिंग साइट पर डालने की अनुमति नहीं दी जाती, जिसके चलते यह सड़क किनारे ही पड़ी रहती है। अधिकारियों के अनुसार, गाद को उठाने के लिए पर्याप्त वाहन और उपयुक्त निस्तारण स्थल की भी कमी है। और निगम निगम हमें यह गाद अपने भलावघरों में डालने नहीं देती। इस गंभीर समस्या को उठाते हुए अजय महावर ने जल मंत्री से आग्रह किया कि गाद के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष नीति या परियोजना तैयार की जाए। साथ ही, गाद उठाने के लिए पर्याप्त संसाधन, वाहन और निर्धारित डंपिंग स्थलों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि राजधानी में बढ़ते प्रदूषण और गंदगी की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। सदन में उठे इस मुद्दे ने साफ कर दिया है कि सीवर गाद का सही प्रबंधन न सिर्फ स्वच्छता बल्कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से जुड़ा अहम विषय बन चुका है, जिस पर तत्काल ठोस कदम उठाने की जरूरत



