Congress Delhi review: ब्लाक अध्यक्ष से ले जिला अध्यक्षों के कार्यों की समीक्षा कर रही है कांग्रेस,लापरवाही बरतने वाले अध्यक्षों की होगी छुट्टी
– अश्वनी भारद्वाज –
नई दिल्ली ,अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी नें राजधानी दिल्ली के सभी 14 जिलों में जमीनी तथा अनुभवी नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त कर यह संदेश दे दिया है कि पार्टी अब कोई भी कोताही बरतने के मूड में नहीं है और ना ही निचले स्तर पर कोताही बरत रहे ब्लाक तथा जिला अध्यक्षों को आगे पारी खेलने का मौका दिया जाएगा | पार्टी के रणनीतिकारों की सोच है पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व जहां संसद के भीतर और संसद के बाहर सत्ता पक्ष को घेरने का कोई मौका नहीं चूकता और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कटघरे में खड़ा करने से विपक्ष के नेता राहुल गांधी पूरी ताकत से काम कर रहे हैं वहीं निचले स्तर पर खास तौर से जिला और ब्लाक स्तर पर वह धार देखने को नहीं मिल रही | पार्टी सूत्रों का कहना जो दिशा निर्देश राष्ट्रीय स्तर से प्रदेश नेत्रत्व को मिलते हैं निचले स्तर पर पहुंचते -पहुंचते उनमे से फिफ्टी परसेंट यानी कि आधो पर ही अम्ल हो पाता है | समझ गए ना आप प्रदेश नेत्रत्व जिला स्तर पर जो निर्देश देते है वे ईमानदारी से पूरा नहीं हो पाते और ब्लाक स्तर पर तो यह टारगेट पच्चीस फीसदी तक ही रह जाता है | ऐसे में संघर्ष के दौर में पार्टी कहाँ खड़ी है यह आलाकमान से छिपा नहीं है | मिली जानकारी के मुताबिक शीर्ष नेत्रत्व नें तमाम पर्यवेक्षकों को हिदायत दी है जमीनी स्तर से जानकारी जुटाई जाए कौन-कौन लोग लापरवाही बरत रहे हैं और कौन-कौन ईमानदारी एवं निष्ठा से काम में जुटे हैं | बताया जा रहा है तमाम पर्यवेक्षकों को डाटा दिया जा रहा है किस स्तर के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से राय लेनी है और ऐसा खाका तैयार करना है जो वास्तव में मेहनती लोग हैं उन्हें आगे लाया जाए और लापरवाह तथा कुछ चुनिन्दा क्षत्रपों की परिक्रमा कर खुद को बचाने वाले लोगो से छुट्टी पाई जा सके |
पर्यवेक्षकों की सूची देखने के बाद इस सम्भावना से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि पार्टी बड़े स्तर पर बदलाव के मूड में है | माना जा रहा है करीब आधे जिलाध्क्षों और करीब इतने ही ब्लाक अध्यक्षों पर गाज गिरनी तय है | अपने करीब डेढ़ साल के कार्यकाल में प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के पास भी तमाम जिला अध्यक्षों तथा ब्लाक अध्यक्षों की खुली किताब मौजूद है लिहाजा उन्हें भी मजबूत विकल्प की तलाश की सम्भावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता | मिली जानकारी के मुताबिक पर्यवेक्षकों से हर जिले से ब्लाक तथा जिलाध्यक्षों का पैनल भी तैयार करने को कहा जा रहा है | कौन-कौन इस लपेटें में आएगें इस पर चर्चा फिर कभी | आज बस इतना ही …



