Delhi CCTV upgrade: सीसीटीवी कैमरे के नेटवर्क को अपग्रेड करने से निगरानी,सिस्टम में आएगी मजबूती : विनोद जायस
– हर्ष भारद्वाज –
नई दिल्ली ,राजधानी दिल्ली के निगरानी सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली की ट्रिपल इंजन सरकार नें बड़ा कदम उठाते हुए काफी समय से लगे सीसीटीवी सिस्टम को बदलने का निर्णय लिया है | निश्चित रूप से सरकार के इस निर्णय से दिल्ली का निगरानी सिस्टम मजबूत होगा और शातिर झपटमार और अपराधी कानून से बच नहीं पायेगें | यह कहना है भारतीय जनता पार्टी उत्तर पूर्वी जिले के उपाध्यक्ष विनोद जायस का | विनोद जायस कहते हैं ट्रिपल इंजन की सरकार लगातर जनहित की योजनायें बना रही हैं और उन योजनाओं से लाखो लोग लाभान्वित होते हैं | विनोद जायस कहते हैं दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाने के लिए सरकार का यह बड़ा कदम है. राजधानी में लगे सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क को बड़े स्तर पर अपग्रेड करने की तैयारी पूरी कर ली गई है. लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा है कि स्टडी के बाद पहले चरण में करीब 50 हजार पुराने कैमरों को बदला जाएगा. इन कैमरों की जगह अब लेटेस्ट तकनीक वाले हाई-रिजोल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे | मंत्री प्रवेश वर्मा के अनुसार, वर्तमान में जो कैमरे हटाए जा रहे हैं, उनमें से अधिकांश चीनी कंपनियों के हैं और सिम आधारित तकनीक पर चलते हैं. इन कैमरों की लाइफ लगभग 5-7 साल होती है, जिसे यह पूरा कर चुके हैं. सुरक्षा विशेषज्ञों ने इन पुराने कैमरों की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा पर भी चिंता जाहिर की थी. अब सरकार इन कैमरों को हटाकर स्वदेशी और अधिक सुरक्षित तकनीकी बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दे रही है |

विनोद जायस कहते हैं मंत्री प्रवेश वर्मा नें इस बाबत जो खाका खींचा है वह सराहनीय है उससे दिल्ली की जनता को बड़ा लाभ मिलेगा ,पुलिस को भी अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी ,इतना हिन् अपराधियों के हौंसले भी पस्त होंगे और वे अपराध करने के बारे में भी सोचेगें की उनका बचना आसान नहीं होगा | क्योंकि नया नेटवर्क कैसा होगा और कैमरों की सही लोकेशन क्या होनी चाहिए, इसके लिए सरकार ने एक विशेषज्ञ सलाहकार की नियुक्ति करने का निर्णय लिया है. यह सलाहकार पूरी दिल्ली के सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तृत अध्ययन करेगा. अध्ययन में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान दिया जाएगा. जैसे कैमरे का एंगल, क्या कैमरा सही दिशा में है, ताकि अपराध की स्थिति में साफ फुटेज मिल सके | दिल्ली के कुछ हिस्सों में कैमरों की भरमार है, जबकि कुछ संवेदनशील इलाके अभी भी डार्क स्पॉट बने हुए हैं. इसे संतुलित किया जाएगा. कई एजेंसियां एक ही जगह पर अपने-अपने कैमरे लगा देती हैं, जिससे संसाधनों का सही उपयोग नहीं हो पाता | नए प्लान में इसे ठीक किया जाएगा | विनोद जायस कहते हैं दिल्ली सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल फुटेज रिकॉर्ड करना नहीं, बल्कि अपराध रोकना है. नए कैमरों के साथ डेटा शेयरिंग सिस्टम को भी बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को तत्काल सूचना मिल सके. ये कैमरे बाजार, रिहायशी कॉलोनियों, प्रमुख सड़कों और व्यावसायिक केंद्रों पर विशेष प्राथमिकता के आधार पर लगाए जाएंगे |



