जेलेन्स्की ने छोड़ी नाटो की मांग, निराश हो बोले- रूस से लड़ना आपके बस की बात नहीं

0
92
जेलेन्स्की ने छोड़ी नाटो की मांग, निराश हो बोले- रूस से लड़ना आपके बस की बात नहीं
जेलेन्स्की ने छोड़ी नाटो की मांग, निराश हो बोले- रूस से लड़ना आपके बस की बात नहीं

जेलेन्स्की ने छोड़ी नाटो की मांग, निराश हो बोले- रूस से लड़ना आपके बस की बात नहीं

यूक्रेन पर रूस के हमले का आज 14वां दिन है। इतने दिनों में यूक्रेन का बड़ा नुकसान हुआ है। यूक्रेन ने कई देशों से मदद मांगी लेकिन रूस की धमकियों के आगे बड़े-बड़े देशों की आवाज धीमी पड़ गई। इस युद्ध की एक बड़ी वजह यूक्रेन का NATO में शामिल होने की योजना भी थी। हालांकि अब राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने स्पष्ट कह दिया है यूक्रेन अब NATO की सदस्यता की मांग नहीं करेगा। जेलेंस्की की बातों से ऐसा लग रहा था कि जैसे वह हार मान चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिन दो प्रांतों को लेकर युद्ध से पहले रूस ने ऐलान किया था उन दोनों के बारे में भी वह समझौता करने को तैयार हैं। बता दें कि 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन के दो अलगाववादी प्रांतों लुहांस्क और डोनेत्स्क को स्वतंत्र घोषित कर दिया था।

एबीसी न्यूज को इंटरव्यू देते हुए जेलेंस्की ने कहा

एबीसी न्यूज को इंटरव्यू देते हुए जेलेंस्की ने कहा, ‘मुझे पहले ही समझ में आ गया था कि NATO यूक्रेन को स्वीकार नहीं करेगा। इसलिए मैंने इस बारे में सोचना ही बंद कर दिया था।’ उन्होंने कहा, मैं उस देश का राष्ट्रपति बिल्कुल नहीं बनना चाहूंगा जो कि घुटने टेककर किसी से भीख मांगे। बता दें कि रूस के हमले की एक वजह यह भी है कि यूक्रेन पहले NATO का सदस्य बनना चाहता था जो कि शीत युद्ध की शुरुआत में सोवियत यूनियन से यूरोप को बचाने केलिए बनाया गया एक संगठन है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here