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यशस्वी जयसवाल इतिहास रचने की कगार पर,गावस्कर और सचिन भी ऐसा नहीं कर सके

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Irani Cup 2023: यशस्वी जयसवाल इतिहास रचने की कगार पर, 61 साल में गावस्कर, सचिन भी ऐसा नहीं कर सके

मैच में अभी दो दिन का समय बाकी है और जयसवाल (Yashasvi Jaiswal) के पास इतिहास रचने का पूरा-पूरा समय है।

दिल्ली स्पिनर पुलकित नारंग (65 रन देकर चार विकेट) और तेज गेंदबाज नवदीप सैनी (56 रन देकर तीन विकेट) की शानदार गेंदबाजी की मदद से शेष भारत ने शुक्रवार को यहां ईरानी ट्राफी क्रिकेट मैच के तीसरे दिन पिछले सत्र की रणजी चैंपियन मध्य प्रदेश को पहली पारी में 294 रन पर समेटकर 190 रन की बढ़त हासिल की. शेष भारत ने दिन का खेल खत्म होने के समय स्टंप उखड़ने तक तक एक विकेट गंवाकर 85 रन बना लिए थे, जिससे उसकी कुल बढ़त 275 रन की हो गयी है. उसने पहली पारी में 484 रन बनाये थे. पहली पारी में दोहरा शतक जड़ने वाले बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (yashasvi jaiswal’s record) 58 रन बनाकर क्रीज पर डटे हैं, जिन्होंने पहली पारी में शतक बनाया था. दूसरे छोर पर उनके साथ अभिमन्यु ईश्वरन 26 रन बनाकर खेल रहे हैं.

ईरानी ट्रॉफी पर कब्जा

पहली पारी में बढ़त के साथ ही साफ हो चला है कि शेष बारत का ईरानी ट्रॉफी पर कब्जा होना तय है, लेकिन अब आकर्षण अपने पहले ही ईरानी ट्रॉफी मुकाबले में दोहरा शतक जड़ने वाले युवा यशस्वी जयसवाल के इर्द-गिर्द सिमटने लगा है, जो ऐसे मुकाम के नजदीक खड़े हैं, जो टूर्नामेंट के करीब 62 साल के इतिहास सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर जैसे महान बल्लेबाज भी हासिल नहीं कर सके. जयसवाल ने मुकाबले की पहली पारी में 213 रन बनाए थे

कोच ज्वाला सिंह को रिकॉर्ड का पूरा भरोसा

जयसवाल के कोच, मेन्टॉर और इस मुकाम तक पहुुंचाने में बहुत ही बड़ी भूमिका निभाने वाले ज्वाला सिंह ने मुंबई से फोन पर बताया “मैंने यशस्वी को मैच से पहले कहा कि साधारण प्रयासों से असाधारण उपलब्धियां हासिल नहीं की जा सकतीं. अगर आपको अलग दिखना है, तो मैदान पर अलग ही करना होगा. अपने सभी मौकों को जीवन के आखिरी मौके के रूप में लो. यही सफलता का मूलमंत्र है.” उन्होंने कहा, “मेरी मैच के हर दिन उससे बात होती है. और दोहरा शतक बनाने के बाद भी मैंने उससे यही कहा कि यह करियर का वह मोड़ हैं, जहां से सबकुछ बदल सकता है. ऐसे में किसी भी एक दोहरे या तिहरे शतक से संतुष्ट होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. मुझे बहुत ही खुशी है कि उसने मेरी बात को बहुत ही अच्छी भावना से लिया है. उम्मीद है कि हमें उसके बल्ले से ऐतिहासिक रिकॉर्ड जरूर देखन को मिलगा.”

क्या जयसवाल करेंगे बड़ा धमाका?

पहली पारी में ही सेलेक्टरों को बड़ा संदेश देने वाले यशस्वी जयसवाल तीसरे दिन की समाप्ति पर 58 रन बनाकर नाबाद हैं. अगर वह दूसरी पारी में शनिवार को शतक बना देते हैं, तो वह ईरानी ट्रॉफी के इतिहास के एक ही मैच में दोहरा शतक और शतक बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे. यहां हम एक बार को डेब्यू ईरानी ट्रॉफी के पहलू को अलग रख देते हैं.

धवन और विहारी के नाम पर है रिकॉर्ड लेकिन…

वैसे टूर्नामेंट के इतिहास में लेफ्टी शिखर धवन एक ऐसे बल्लेबाज हैं, जिनके नाम पर ईरानी ट्रॉफी मैच की दोनों पारियों में शतक बनाने का रिकॉर्ड है. धवन ने यह कारनामा साल 2011 के संस्करण में राजस्थान के खिलाफ जयपुर में किया था. तब उन्होंने पहली पारी में 177 और दूसरी पारी में उन्होंने 155 रन बनाए थे. वही, साल 2019 में हनुमा विहारी एक और बल्लेबाज रहे, जिन्होंने विदर्भ के खिलाफ पहली पारी में 114 और दूसरी पारी में नाबाद 110 रन बनाए. लेकिन पहले ऐसा कभी नहीं हुआ, जब किसी ने एक पारी में दोहरा शतक और दूसरी में शतक जड़ा हो. फिर डेब्यू (करियर के पहले ईरानी मैच) की बात छोड़ देते हैं. अगर जयसवाल ऐसा कर देते हैं, तो वह ऐसा करने वाले टूर्नामेंट के करीब 61 साल के इतिहास में पहले बल्लेबाज बन जाएंगे.

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