
Yamuna Cleaning: ट्रिपल इंजन की सरकार यमुना की सफाई के लिए जमीनी स्तर पर कर रही काम : राजकुमार बल्लन
नई दिल्ली (शिवा कौशिक)। दिल्ली प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा प्रभारी राजकुमार बल्लन ने कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार यमुना नदी को साफ करने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार न केवल बड़ी परियोजनाओं की घोषणा कर रही है, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में भी तेजी से कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि यमुना की सफाई और दिल्लीवासियों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई परियोजनाएं नदी में गिरने वाले गंदे पानी को रोकने तथा सीवेज प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से यमुना की सफाई के अभियान को नई गति मिलेगी।
राजकुमार बल्लन ने यह प्रतिक्रिया केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा यमुना नदी की सफाई के लिए 8,941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं की आधारशिला रखे जाने के संदर्भ में दी। अमित शाह ने बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में कहा कि दिल्ली सरकार ने यमुना में प्रवाहित होने वाले सीवर के पानी की मात्रा कम की है। उन्होंने इन परियोजनाओं को यमुना नदी की सफाई की रीढ़ बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा मिलकर स्वच्छ यमुना तथा लोगों को पीने योग्य पानी उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहे हैं।
राजकुमार बल्लन ने कहा कि यमुना की सफाई केवल एक सरकारी घोषणा का विषय नहीं है, बल्कि इसके लिए सीवेज शोधन, सीवर नेटवर्क के विस्तार और जल निकासी व्यवस्था में सुधार जैसे ठोस कदम उठाने जरूरी हैं। इसी उद्देश्य से दिल्ली में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है। इनमें ओखला में नया सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी), 29 विकेंद्रीकृत सीवेज शोधन संयंत्र (डीएसटीपी) और नई सीवर लाइन बिछाने से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। नजफगढ़ में भी सीवर नेटवर्क से जुड़ी परियोजना का उद्घाटन किया गया। इन कार्यक्रमों में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और जल मंत्री प्रवेश वर्मा भी मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के तहत नए जलमल शोधन संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, पुराने संयंत्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और सीवर नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि गंदे पानी को बिना शोधन के यमुना नदी में जाने से रोका जा सके। राजकुमार बल्लन के अनुसार, सीवेज प्रबंधन व्यवस्था में सुधार होने से नदी में प्रदूषण कम करने और स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर योजनाबद्ध तरीके से काम करना आवश्यक है।
राजकुमार बल्लन ने बताया कि बाहरी दिल्ली में 29 नए विकेंद्रीकृत सीवेज शोधन संयंत्र और सीवेज स्टेशन स्थापित करने की योजना के तहत 358 अनधिकृत कॉलोनियों तथा 113 गांवों को कवर किया जाएगा। इससे लगभग 36.29 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में सीवेज के उचित प्रबंधन की व्यवस्था विकसित होने से स्थानीय निवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और गंदे पानी के निस्तारण की समस्या का समाधान करने में मदद मिलेगी। यह परियोजना शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सीवर व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना का उल्लेख करते हुए बताया कि 1,034 किलोमीटर लंबा नया सीवर नेटवर्क बिछाने की शुरुआत भी की गई है। विस्तृत सीवर नेटवर्क तैयार होने से उन क्षेत्रों में सीवेज को व्यवस्थित तरीके से एकत्र करने और शोधन संयंत्रों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी, जहां मौजूदा व्यवस्था अपर्याप्त है। उन्होंने कहा कि सीवर नेटवर्क के विस्तार और सीवेज शोधन क्षमता बढ़ाने के संयुक्त प्रयासों से यमुना में प्रदूषित पानी के प्रवाह को कम करने में मदद मिल सकती है।
राजकुमार बल्लन ने बताया कि प्रमुख परियोजनाओं में ओखला में 124 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) क्षमता वाला नया सीवेज शोधन संयंत्र भी शामिल है। उनके अनुसार, यह राष्ट्रीय राजधानी का सबसे बड़ा एसटीपी है, जिसे केंद्र और दिल्ली सरकार संयुक्त रूप से बना रही हैं। इस संयंत्र की मदद से बड़े पैमाने पर सीवेज का शोधन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सीवेज शोधन संयंत्रों की क्षमता बढ़ाना यमुना में प्रदूषण कम करने के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि नदी में गंदे पानी के प्रवाह को रोकने के लिए प्रभावी शोधन व्यवस्था का होना आवश्यक है।
राजकुमार बल्लन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से यमुना नदी को साफ करने का वादा किया था। अब दिल्ली सरकार उस वादे को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य स्तर पर किए जा रहे प्रयासों के साथ सीवर व्यवस्था के विस्तार, नए शोधन संयंत्रों के निर्माण और पुराने संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने जैसे कदम यमुना सफाई अभियान को मजबूती देंगे। उन्होंने जोर दिया कि इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करना और उनका प्रभावी संचालन सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि दिल्ली के लोगों को स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर जल सुविधाओं का लाभ मिल सके।





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