Uttarkashi Landslide: उत्तराखंड में मौसम का कहर: भूस्खलन से बंद हुए यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे, दो की मौत, राहत-बचाव कार्य तेज
उत्तराखंड। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मानसून का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। उत्तरकाशी जिले में भारी बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ताजा जानकारी के मुताबिक गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे दो बड़े राष्ट्रीय राजमार्ग मलबा आने के कारण बंद हो गए हैं, जिससे आम लोगों और तीर्थयात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तरकाशी पुलिस के अनुसार, गंगोत्री हाईवे धरासू पुराने थान और सोनागाड़ के पास मलबे से अवरुद्ध हो गया है। वहीं, यमुनोत्री हाईवे कुथनौर और नारदचट्टी के पास बंद पड़ा है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर जुटी हुई हैं और रास्तों को खोलने का काम तेजी से जारी है।
दुर्घटना और आपदा की इस स्थिति में जानमाल का भी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि डबराणी में गंगोत्री राजमार्ग पर पहाड़ का मलबा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने इस दुखद घटना पर शोक जताते हुए कहा, “मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”
मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य स्वयं धराली, हर्षिल और गंगोत्री नेशनल हाईवे के प्रभावित हिस्सों का निरीक्षण कर रहे हैं। मलबा हटाने और मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि फंसे हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।
गौरतलब है कि इससे पहले 5 अगस्त को उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही हुई थी। इस आपदा में कई लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए थे। तबाही के बाद से प्रभावित इलाकों में प्रशासन लगातार खाद्यान्न, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और संचार सेवाओं को बहाल करने में जुटा है।



