Haldwani Car Accident: हल्द्वानी में दर्दनाक हादसा: पुलिया के नीचे फंसी कार, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

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Haldwani Car Accident: हल्द्वानी में दर्दनाक हादसा: पुलिया के नीचे फंसी कार, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

हल्द्वानी, 25 जून 2025 –
उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में बुधवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया, जिसमें एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब परिवार के लोग नवजात शिशु की डिलीवरी के बाद सुशील तिवारी अस्पताल से घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी कार अनियंत्रित होकर सिंचाई नहर (कनाल) में गिर गई और पुलिया के नीचे फंस गई, जिससे कार में बैठे लोग बाहर नहीं निकल सके।

घटना हल्द्वानी कोतवाली क्षेत्र के मंडी समिति गेट के सामने हुई। सुबह करीब 7 बजे तेज बारिश के चलते नाला उफान पर था। इसी दौरान कार फिसलकर सीधे नाले में जा समाई और पलट गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि कार बहती हुई पुलिया के नीचे जाकर फंस गई। इसी में एक नवजात शिशु सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार के नहर में गिरते ही वह पलट गई और तेज धारा में कुछ दूर बहती हुई पुलिया में फंस गई। इसी दौरान पानी कार में भरता चला गया, जिससे कार सवार खुद को नहीं बचा सके।
पुलिस को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, तुरंत बचाव दल और फायर ब्रिगेड को मौके पर भेजा गया। एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने बताया कि क्रेन की मदद से कार को पुलिया के नीचे से निकाला गया। कार में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें चार की मौत हो गई और तीन का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पुलिस ने प्रारंभिक जांच में बताया कि मृतक परिवार उधम सिंह नगर जिले के किच्छा इलाके का रहने वाला था। मृतकों में नवजात शिशु के अलावा उसके परिजन शामिल हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।

यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गहरा सदमा है। हाल की भारी बारिश और जलभराव के बीच स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की लापरवाही भी सवालों के घेरे में है। नाले और पुलिया के आसपास चेतावनी बोर्ड या सुरक्षात्मक अवरोध न होने से अक्सर इस तरह की दुर्घटनाएं हो जाती हैं।

स्थानीय लोगों ने हादसे के बाद शासन से मांग की है कि नालों और पुलों पर रेलिंग, चेतावनी संकेत और विशेष सतर्कता के उपाय सुनिश्चित किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न घटे।

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