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Tarun murder case: दिल्ली पुलिस ने तरुण मर्डर केस में फर्जी फंडरेजिंग पर कार्रवाई की, सोशल मीडिया स्कैम के बाद 37 लाख रुपये फ्रीज किए गए

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Tarun murder case: दिल्ली पुलिस ने तरुण मर्डर केस में फर्जी फंडरेजिंग पर कार्रवाई की, सोशल मीडिया स्कैम के बाद 37 लाख रुपये फ्रीज किए गए

दिल्ली के उत्तम नगर में तरुण हत्या मामले के बाद सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर फंड इकट्ठा करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है। जांच में पता चला कि कुछ लोग तरुण के परिवार के नाम पर महज दो दिनों में करीब 37 लाख रुपये जमा कर चुके थे। द्वारका जिला पुलिस ने तुरंत संबंधित बैंक खाते को फ्रीज करा दिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Instagram के साथ समन्वय करते हुए झूठी और भड़काऊ सामग्री को हटाने के लिए कार्रवाई शुरू की। अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

होली के मौके पर उत्तम नगर इलाके में दो अलग-अलग समुदायों के परिवारों के बीच झगड़ा हुआ था। मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया और इस झड़प में 26 वर्षीय तरुण की हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के दौरान एक महिला सायरा पर गुब्बारा फेंका गया था, जिससे विवाद बढ़ा और दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई।

इस संवेदनशील घटना का फायदा उठाकर कुछ लोग सोशल मीडिया पर QR कोड और वीडियो के माध्यम से आर्थिक मदद की अपील कर रहे थे। पुलिस ने पाया कि यह फंडिंग संदिग्ध थी और दो दिनों में ही बैंक खाते में लगभग 37 लाख रुपये जमा हो गए थे। जैसे ही पुलिस को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत बैंक खाते को फ्रीज कराया और लेनदेन को रोक दिया, ताकि आम लोगों का पैसा सुरक्षित रहे और धोखाधड़ी रोकी जा सके।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी संवेदनशील घटना के बाद सोशल मीडिया पर झूठी या भ्रामक जानकारी फैलाना गैरकानूनी है और इससे समाज में तनाव फैल सकता है। इसलिए ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। जांच में पता चला कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स जानबूझकर भ्रामक सामग्री फैला रहे थे, जिससे लोगों को गुमराह किया जा रहा था और इलाके का माहौल भी बिगड़ सकता था।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को 14 और Instagram को 8 टेकडाउन अनुरोध भेजे गए ताकि भड़काऊ और भ्रामक सामग्री को हटाया जा सके। पुलिस ने जिन अकाउंट्स से अफवाहें फैली थीं, उन्हें चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जांच में यह भी सामने आया कि सोशल मीडिया पर फंड इकट्ठा करने वाले लोग जानबूझकर लोगों को गुमराह कर रहे थे। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।

अब तक पुलिस ने कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद तीन महिलाएं फरार हो गई थीं और पुलिस उनकी तलाश में लगी रही। पुलिस लगातार संदिग्धों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।

पुलिस ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर अफवाह फैलाने या लोगों को गुमराह करने वाले किसी को बख्शा नहीं जाएगा। सार्वजनिक शांति भंग करने या लोगों को भड़काने वाली किसी भी ऑनलाइन गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जांच अभी जारी है और पुलिस ने संकेत दिए हैं कि अगर और लोग इस फंडिंग या हिंसा में शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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