Punjab Hooch Tragedy :अमृतसर जहरीली शराब कांड में दिल्ली से बाप-बेटे गिरफ्तार, मौतों का आंकड़ा पहुंचा 23
अमृतसर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब तक 23 लोगों की जान जा चुकी है और कई अन्य अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इस दर्दनाक घटना के तार राजधानी दिल्ली से भी जुड़ गए हैं। पंजाब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी रिश्ते में बाप-बेटे हैं, जिनकी पहचान रविंद्र जैन और ऋषभ जैन के रूप में हुई है। दोनों पर नकली शराब सप्लाई करने का आरोप है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने जानकारी दी कि मुख्य आरोपी साहिब सिंह की व्हाट्सएप चैट की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि वह दिल्ली निवासी ऋषभ जैन के संपर्क में था। पुलिस को संदेह है कि ऋषभ जैन से साहिब सिंह को जहरीली शराब की एक बड़ी खेप मिली थी, जिसका इस्तेमाल अमृतसर में की गई। इन्हीं बोतलों को पीने से लोगों की मौत हुई। पुलिस ने इस जानकारी के आधार पर दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
बता दें कि मंगलवार को अमृतसर जिले के मजीठा डिवीजन के पांच गांवों में अचानक कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी। जांच के बाद सामने आया कि सभी ने नकली शराब का सेवन किया था, जिससे पहले 21 और अब तक कुल 23 लोगों की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है क्योंकि कई लोग अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं।
पुलिस ने अब तक इस मामले में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए दिल्ली निवासी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध शराब नेटवर्क के हर सदस्य को पकड़ने के लिए जांच तेज़ कर दी गई है।
इस हृदयविदारक घटना के बाद पंजाब सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और उनके बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का ऐलान किया है।
यह हादसा सिर्फ एक अपराध नहीं बल्कि सिस्टम की उस चूक को दर्शाता है, जो हर बार गरीब और निर्दोष लोगों की जान लेती है। अब देखना यह होगा कि पुलिस और सरकार मिलकर इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंच पाती हैं या नहीं।



