PM Modi Operation Sindoor: PM Modi ऑपरेशन सिंदूर: भारत ने आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को मजबूती से अपनाया
सोमवार रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता की घोषणा की और साफ शब्दों में कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर पूरी ताकत से आगे बढ़ेगा। इस सैन्य कार्रवाई को प्रधानमंत्री ने देश की हर बेटी को समर्पित किया और इसे न्याय की अखंड प्रतिज्ञा बताया। उन्होंने कहा, “टेरर, टॉक और ट्रेड एक साथ नहीं हो सकते। पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह ऑपरेशन उनके लिए व्यक्तिगत पीड़ा का विषय था, क्योंकि आतंकवादियों ने परिवारों के सामने महिलाओं और बच्चों की बेरहमी से हत्या की थी। उन्होंने कहा, “आतंकवादियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था, इसलिए भारत ने आतंक के हेडक्वार्टर्स को उजाड़ दिया।”
ऑपरेशन सिंदूर: सटीक कार्रवाई और कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों और ट्रेनिंग सेंटर्स पर सर्जिकल स्ट्राइक्स और एयरस्ट्राइक्स की सटीक श्रृंखला चलाई। उन्होंने कहा, “भारत ने 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया है, जिनमें वे आतंकवादी भी शामिल थे जो पिछले ढाई दशकों से भारत के खिलाफ साजिशें रच रहे थे।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा, “हमने ग्लोबल टेररिज्म की यूनिवर्सिटी पर हमला किया है।”
पाकिस्तान की बौखलाहट और भारत की ठोस रणनीति
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने बौखलाहट में नागरिक ठिकानों जैसे स्कूल, अस्पताल और घरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया, लेकिन भारत ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के सैन्य एयरबेस को नुकसान पहुंचाया, जिन पर पाकिस्तान को गर्व था। मोदी ने कहा, “पाकिस्तान दुनियाभर में मदद की गुहार करता रहा, लेकिन तब तक हम उनके आतंकवादियों को खंडहर बना चुके थे।”
परमाणु ब्लैकमेल नहीं चलेगा
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत अब किसी भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा, “अगर कोई परमाणु ब्लैकमेल की आड़ में आतंकवादियों को पालता है, तो भारत वहां भी सटीक हमला करेगा। हम आतंकवाद और उसे पालने वालों को अलग-अलग नहीं देखेंगे।”
भारत की नई सैन्य नीति: आतंकवाद के खिलाफ नया सामान्य
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि भारत की रणनीतिक दिशा में बदलाव है। अब भारत आतंकवादियों को जवाब देने के लिए न केवल अपने समय और तरीके से कार्रवाई करेगा, बल्कि जहां से आतंकवाद की जड़ें निकलती हैं, वहां जाकर हमला करेगा।
भारत की एकता और ताकत ही सबसे बड़ा हथियार
प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना की सराहना करते हुए कहा कि “हमारी तीनों सेनाएं सीमा पर सतर्क हैं। ऑपरेशन सिंदूर के साथ भारत ने यह साबित कर दिया है कि जब राष्ट्र सर्वोपरि होता है तो फैसले मजबूत होते हैं।” उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ के तहत बनाए गए रक्षा उपकरणों की भी तारीफ की और कहा कि अब दुनिया भारत की सैन्य आत्मनिर्भरता को देख रही है।
वैश्विक समुदाय को स्पष्ट संदेश
अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने विश्व समुदाय को चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान अपनी नीति को नहीं बदलता, विशेषकर PoK और आतंकवाद पर, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा, “शांति का मार्ग भी शक्ति से होकर गुजरता है। भारत का शक्तिशाली होना मानवता, शांति और समृद्धि के लिए जरूरी है।”



