प्रगति मैदान सुरंग अब यात्रियों के लिए खतरनाक साबित होने जा रही है: लवली
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि 777 करोड़ रुपये की भारी लागत से बनी प्रगति मैदान सुरंग जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री ने बहुत धूमधाम से किया था, उद्घाटन के एक साल बाद ही अब शर्म का स्मारक बन गई है । उन्होंने कहा कि G20 की धूमधाम के बाद, प्रगति मैदान सुरंग को अब ‘यात्रियों के लिए संभावित खतरे’ के रूप में देखा जा रहा है श्री लवली ने कहा कि ये प्रगति मैदान टनल और अंडरपास भाजपा शासन के तहत भ्रष्टाचार के “अमृतकल” का सबसे बड़ा उदाहरण है, क्योंकि त्रुटिपूर्ण mडिजाइन और निर्माण से छह लेन की सुरंग में पानी के रिसाव, सीमेंट औरmकंक्रीट में बड़ी दरारें और खराब जल निकासी की समस्याए सामने आ रही है जिस कारण इसे यात्रियों के लिए अनुपयोगी और खतरनाक बना दिया है।
उन्होंने कहा कि अगर एक प्रतिष्ठित और केंद्रीय-वित्त पोषित परियोजना को राष्ट्रीय राजधानी में मोदी सरकार की नाक के नीचे इतनी लापरवाही से अंजाम दिया जा सकता है, तो देश में कहीं और ऐसी परियोजनाओं का भाग्य क्या होगा इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती । श्री लवली ने कहा कि प्रगति मैदान सुरंग के निर्माण के लिए करदाताओं के सैकड़ों करोड़ रुपये बर्बाद करने के बाद, दिल्ली के लोक निर्माण विभाग, जिसे इस परियोजना को निष्पादित करने का काम दिया गया था, ने बदले में एलएंडटी को इस काम के लिए नियुक्त किया और अब आपसी दोषारोपण में लगे हुए है जबकि यात्रियों को परेशानी हो रही थी। उन्होंने आश्चर्य जताया कि यदि परियोजना में कोई डिज़ाइन दोष था, तो निर्माण कार्य शुरू होने से पहले इसका पता क्यों नहीं लगाया गया?
श्री लवली ने कहा कि टनल परियोजना त्रुटिपूर्ण थी, यह तब स्पष्ट हो गया जब पिछले मानसून की बारिश और उफनती यमुना ने सुरंग में बाढ़ ला दी और इसकी दीवारों पर महंगी चित्रों को क्षतिग्रस्त कर दिया । श्री लवली ने आश्चर्य व्यक्त किया कि टनल के घटिया निर्माण के लिए दोषियों को सजा क्यों नहीं दी गई, जबकि भाजपा सरकार थोड़े से बहाने से राजनीतिक विरोधियों पर ईडी, सीबीआई और आईटी जैसी केंद्रीय एजेंसियों को पीछे लगा देती है? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विकास कार्यों में योजना बनाने के बजाय सिर्फ दिखावा करती हैं, जिसकी देश को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है.


