Peeragarhi Flyover Case: पीरागढ़ी फ्लाईओवर मामला: दिल्ली पुलिस ने ‘बाबा’ कमरुद्दीन को किया गिरफ्तार, तीन रहस्यमयी मौतों की गुत्थी सुलझाने की तैयारी
दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर कार में तीन लोगों की रहस्यमयी मौत के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात में मुख्य आरोपी बाबा करीमुद्दीन को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बाबा ने तंत्र-मंत्र और झूठे वादों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर, पैसे को कई गुना करने का लालच देकर यह भयानक घटना अंजाम दी।
पिछले दिनों पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर सफेद टाटा टिएगो कार में रणधीर, शिव नरेश और लक्ष्मी देवी के शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए थे। इस मामले की जांच में पुलिस ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया कि बाबा करीमुद्दीन लोगों को कम समय में अधिक पैसा कमाने के लुभावने वादे देकर अपने जाल में फंसाता था। वह तंत्र-मंत्र और जादू-टोना का हवाला देकर लोगों को यह भरोसा दिलाता था कि उनका पैसा दोगुना या चौगुना हो जाएगा।
पुलिस के अनुसार, बाबा करीमुद्दीन कोई साधारण व्यक्ति नहीं था, बल्कि शातिर और चालाक तरीके से लोगों को अपने प्रभाव में लेने वाला अपराधी था। उसने रणधीर और उनके साथियों को भी इसी तरह के सुनहरे सपने दिखाकर अपने जाल में फंसाया। जांच में यह भी पता चला कि घटना के दिन बाबा खुद कार के अंदर मौजूद था। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने पुष्टि की है कि बाबा कार के मालिक रणधीर के साथ वाली अगली सीट पर बैठा था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके कार से उतरने के बाद या कार के अंदर रहते हुए उन तीनों की मौत कैसे हुई।
शुरुआत में इस मामले में शवों पर किसी भी तरह के चोट के निशान न होने के कारण कई तरह के सवाल उठ रहे थे। लेकिन बाबा के नाम के सामने आने से पूरी जांच की दिशा बदल गई। पुलिस का कहना है कि बाबा करीमुद्दीन लोगों को पैसा कमाने के लालच में जोड़कर उनकी जान और संपत्ति से खिलवाड़ कर रहा था। अब पुलिस बाबा से पूछताछ कर रही है ताकि मौतों का सटीक कारण और इस घटना के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।
यह मामला दिल्ली में कानून व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आया है। पुलिस की इस गिरफ्तारी से उम्मीद है कि रहस्यमयी मौतों की गुत्थी जल्द सुलझ जाएगी और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।



