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90 सचिव में सिर्फ 3 ओबीसी समुदाय से,’ राहुल गांधी के दावे के बीच जानिए सरकार का आंकड़ा

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‘भारत सरकार के 90 सचिव में सिर्फ 3 ओबीसी समुदाय से,’ राहुल गांधी के दावे के बीच जानिए सरकार का आंकड़ा

राहुल गांधी ने दावा किया है कि भारत सरकार में 90 सचिवों में केवल तीन ओबीसी समुदाय से आते हैं. इस पर गृहमंत्री अमित शाह ने जवाब दिया कि बीजेपी के 85 सांसद ओबीसी हैं.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार (20 सितंबर) को संसद में महिला आरक्षण बिल को लेकर जारी चर्चा में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर जातीय जनगणना की मांग से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया. राहुल गांधी ने कहा, “मेरी नजर में एक चीज (ओबीसी कोटा नहीं होना) इस विधेयक को अपूर्ण बनाती है. मैं चाहता हूं कि इस विधेयक में ओबीसी आरक्षण को शामिल किया जाना चाहिए था.”

उन्होंने दावा किया कि भारत सरकार में 90 सचिव हैं, जिनमें केवल तीन ओबीसी समुदाय से आते हैं और वे सिर्फ पांच प्रतिशत बजट को नियंत्रित करते हैं.

तत्काल लागू हो महिला आरक्षण बिल

राहुल गांधी ने जातीय जनगणना कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि यह ओबीसी का अपमान है. उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू किया जाए, क्योंकि इसके लिए जनगणना और परिसीमन की जरूरत नहीं है.

राहुल गांधी को अमित शाह का जवाब

वहीं, राहुल गांधी को जवाब देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि देश की नीतियों का निर्धारण कैबिनेट करती है. इस देश की संसद करती है. आंकड़े चाहिए तो मैं बताता हूं. बीजेपी में 29 फीसदी सांसद ओबीसी से हैं. 85 सांसद ओबीसी हैं. तुलना करना है तो आ जाइए. 29 मंत्री ओबीसी से हैं.

केंद्र के 89 सचिवों में कोई ओबीसी नहीं

द प्रिंट में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार 2019 में केंद्र में तैनात 89 सचिवों में से केवल एक अनुसूचित जाति (एससी) से थे, जबकि तीन अनुसूचित जनजाति से थे. लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कोई भी सचिव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से नहीं था.

इन विभागों या मंत्रालय में भी नहीं है ओबीसी सचिव

इतना ही नहीं केंद्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों में एससी/एसटी/ओबीसी अधिकारियों का प्रतिनिधित्व अतिरिक्त सचिव, संयुक्त सचिव और निदेशक स्तर पर भी असंतुलित था. उदाहरण के लिए केंद्र सरकार के मंत्रालयों में 93 अतिरिक्त सचिवों में से केवल छह एससी और पांच एसटी थे, जबकि इस रैंक का कोई भी ओबीसी नहीं थे. वहीं, 275 संयुक्त सचिवों में से 13 (4.73 प्रतिशत) एससी, नौ (3.27 प्रतिशत) एसटी और 19 ओबीसी थे.

मंडल कमीशन ने लागू किया था आरक्षण

गौरतलब है कि मंडल आयोग की सिफारिशों के बाद से सरकार ने सरकारी नौकरियों में ओबीसी के लिए 27.5 फीसदी, एससी के लिए 15 फीसदी और एसटी के लिए 7.5 फीसदी आरक्षण अनिवार्य कर दिया था.

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