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नब किशोर दास, ओडिशा में किसी मंत्री की जान लेने का पहला मामला

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ओडिशा में पिछले दिनों स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री नब किशोर दास की गोली मार कर हत्या कर दी गई। राज्य में इस किस्म की यह पहली घटना है जब किसी मंत्री की जान ली गई है। इससे पहले 2011 में बीजू जनता दल के विधायक जगबंधु माझी की माओवादियों ने हत्या कर दी थी। दास की झारसुगुडा जिले में मानसिक विकार से पीड़ित एक पुलिस अधिकारी ने 29 जनवरी, 2023 को कथित तौर पर गोली मार कर हत्या कर दी जबकि 2011 में नबरंगपुर जिले में एक आधिकारिक समारोह के दौरान माओवादियों ने गोलीबारी कर माझी की जान ले ली थी।

गृह विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि ओडिशा सरकार ने 2011 में माझी की हत्या के बाद सभी विधायकों को निजी सुरक्षा अधिकारी मुहैया कराए थे। झारसुगुडा जिले के ब्रजराजनगर के गांधी चौक में स्वास्थ्य मंत्री दास पर हुए हमले ने लोगों का ध्यान फिर से इस उग्रवाद प्रभावित राज्य में अति विशिष्ट लोगों की सुरक्षा की ओर खींचा है।नबरंगपुर जिले के उमरकोट के तत्कालीन विधायक जगबंधु माझी सितंबर, 2011 में अपने निर्वाचन क्षेत्र के एक गांव में भूमि-स्वामित्व प्रमाण पत्र वितरित कर रहे थे, तभी तीन अज्ञात लोगों ने उन पर और उनके निजी सुरक्षा अधिकारी पर गोलियां चला दीं। घटना में विधायक और पीएसओ की मृत्यु हो गई। इस हमले में माओवादियों के शामिल होने की आशंका जताई जाती रही है।

इसी तरह दो लोगों ने तत्कालीन पर्यटन और संस्कृति मंत्री महेश्वर मोहंती पर उस समय गोलियां चलाईं, जब वह 22 फरवरी, 2014 को पुरी शहर में एक समारोह से घर लौट रहे थे। हालांकि, मोहंती हमले में बाल-बाल बच गए क्योंकि डॉक्टरों ने उनके बाएं हाथ और पीठ से गोलियां निकाल दीं। पुलिस जांच में पता चला है कि हमला संभवत: जमीन जायदाद के विवाद को लेकर किया गया है। झामुमो के पूर्व नेता और अब बीजद विधायक सुदाम मरांडी को भी संदिग्ध माओवादियों के हमले का सामना करना पड़ा। मरांडी हालांकि हत्या के प्रयास में बच गए। इस घटना में मरांडी के साथ जा रहे तीन सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। यह घटना मयूरभंज जिले के बंदम गांव के पास एक फुटबॉल मैच के दौरान हुई थी।

इसी तरह, क्योंझर में चंपुआ के एक कांग्रेस विधायक धनुर्जय सिद्धू को भी हत्या के प्रयास का सामना करना पड़ा। 26 फरवरी, 2007 को जब विधायक अपने वाहन से एक कार्यक्रम में जा रहे थे, तब अज्ञात लोगों ने उन पर गोलियां चलाईं। हालांकि डॉक्टर उनकी जान बचाने में सफल रहे। ओडिशा की वाणिज्य और परिवहन मंत्री तुकुनी साहू के पति एवं बीजद नेता अभिमन्यु साहू की कुछ बदमाशों ने 15 दिसंबर, 2013 को सुबह की सैर के दौरान हत्या कर दी थी

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