विश्वकर्मा समाज के योगदान को नहीं भुलाया जा सकता : गुरमीत सूरा
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) देश के उत्थान में विश्वकर्मा समाज के योगदान को नहीं भुलाया जा सकता | यह कहना है भारतीय जनता पार्टी शाहदरा जिले के वरिष्ठ नेता तथा पश्चमी जिले के पूर्व सह-प्रभारी गुरमीत सिंह सूरा का | उक्त विचार गुरमीत सिंह नें अशोक नगर शाहदरा में अखिल भारतीय विश्वकर्मा वंशज सर्वोस्थान संगठन द्वारा कराए गए कार्यक्रम में व्यक्त किये कार्यक्रम के आयोजक अजय पांचाल और उनकी पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा भगवान श्री विश्वकर्मा स्रष्टि के रचयिता है वे कल्पना मात्र से रचना एवं निर्माण कर दिया करते देवता भी उनकी कला की सराहना किया करते |
यहाँ तक कि उन्होंने स्वर्ग की रचना भी की थी ,भगवान श्री शंकर के त्रिशूल,भगवान श्री कृष्ण के सुदर्शन चक्र,तथा लंका की रचना भी उन्होंने ही की थी | इसीलिए भगवान श्री विश्वकर्मा को पौराणिक कथाओं में निर्माण और रचना के देवता के रूप में वर्णित किया गया है। विश्वकर्मा जी की कारीगरी, निर्माण और इंजीनियरिंग में विशेषज्ञता थी | गुरमीत सिंह सूरा नें विश्वकर्मा समाज के लोगों को शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करके उनके सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा की बात रखी |
श्री सूरा नें विश्वकर्मा समाज की सांस्कृतिक परंपराओं और त्योहारों को मनाने के महत्व के बारे में भी बताया | विश्वकर्मा समाज के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके समाधानों पर चर्चा की जैसे कि शिक्षा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना। इस मौके पर गुरमीत सिंह नें विश्वकर्मा समाज के उत्थान के लिए प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के योगदान की भी चर्चा की |सरकार द्वारा समाज के लिए रोजगार की योजनायें बनाने तथा कम ब्याज पर लोंन की व्यवस्था करने के बारे में जानकारी दी | इस संख्या में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे |



