Model Town Murder Case: दिल्ली के मॉडल टाउन में चौकीदार की हत्या का खुलासा, 12 घंटे के भीतर बिहार का आरोपी मुगलसराय रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार
दिल्ली के उत्तर-पश्चिमी जिले में चौकीदार की हत्या के सनसनीखेज मामले का मॉडल टाउन थाना पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने हत्या के आरोपी राहुल उर्फ गुलाब को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मूल रूप से बिहार के भागलपुर जिले का रहने वाला है और वारदात को अंजाम देने के बाद अपने गांव भागने की फिराक में था। पुलिस ने रेलवे कर्मचारियों के साथ संयुक्त अभियान चलाकर स्टेशन पर मौजूद ट्रेनों की तलाशी ली और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मृतक की पहचान 28 वर्षीय दिलीप कुमार के रूप में हुई है, जो दिल्ली के डेरावल नगर इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत में चौकीदार के तौर पर काम करता था।
पुलिस के अनुसार, 5 नवंबर 2026 को मॉडल टाउन थाने में पीसीआर कॉल के माध्यम से सूचना मिली थी कि डेरावल नगर स्थित मकान नंबर ए-93 में एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही एसआई जोगिंदर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर निर्माणाधीन इमारत के पार्किंग क्षेत्र में एक बेड पर व्यक्ति मृत अवस्था में मिला। उसके माथे और गर्दन पर गंभीर चोटों के निशान मौजूद थे। पुलिस ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया और शुरुआती जांच के दौरान मृतक की पहचान दिलीप कुमार पुत्र मंत्री के रूप में की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
मौके पर मौजूद मृतक के 20 वर्षीय भतीजे कपिल पटेल ने पुलिस को बताया कि निर्माण स्थल पर राहुल नाम का एक अन्य व्यक्ति भी काम करता था। राहुल और दिलीप के बीच अक्सर किसी न किसी बात को लेकर विवाद होता रहता था। कपिल के मुताबिक, 4 नवंबर को भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। इस दौरान राहुल ने कथित तौर पर दिलीप को जान से मारने की धमकी दी थी। अगले दिन सुबह जब राहुल अपने सामान के साथ निर्माण स्थल से गायब मिला तो पुलिस का शक उस पर गहरा गया। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने राहुल की तलाश शुरू कर दी। इसके बाद मॉडल टाउन थाने में एफआईआर नंबर 420/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) में हत्या का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस की जांच में हत्या के पीछे पैसों का विवाद और लंबे समय से चली आ रही आपसी रंजिश की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, दिलीप निर्माणाधीन इमारत में चौकीदार के रूप में काम करता था और ठेकेदार से मिलने वाले पैसों को अपने पास रखता था। राहुल कई बार उससे अपने गांव जाने के लिए पैसे मांग चुका था, लेकिन आरोप है कि दिलीप उसे पैसे देने से इनकार कर देता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लगातार तनाव बढ़ रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि दिलीप कथित तौर पर राहुल के साथ अपमानजनक व्यवहार करता था। आरोप है कि वह राहुल पर थूकता था और गाली-गलौज कर उसे बेइज्जत करता था। इस व्यवहार के कारण राहुल के मन में नाराजगी और दुश्मनी बढ़ती चली गई थी।
पुलिस के मुताबिक, 4 नवंबर को राहुल ने एक बार फिर अपने गांव जाने के लिए दिलीप से पैसे मांगे थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इस दौरान दिलीप ने राहुल के साथ गाली-गलौज की, जिससे वह अपना आपा खो बैठा। बताया जा रहा है कि राहुल शराब के नशे में था और गुस्से में आकर उसने लोहे की रॉड तथा सुम्बल से दिलीप पर हमला कर दिया। हमले के दौरान उसके सिर, माथे और गर्दन पर कई वार किए गए। गंभीर चोटों के कारण दिलीप की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया और पुलिस से बचने के लिए बिहार स्थित अपने गांव भागने की योजना बनाने लगा।
हत्या की गंभीरता और आरोपी के फरार होने की आशंका को देखते हुए उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस ने तत्काल विशेष टीम गठित की। टीम का नेतृत्व एसआई जोगिंदर सिंह को सौंपा गया। टीम में एसआई चेतन, हेड कांस्टेबल विपिन, हेड कांस्टेबल पवन, हेड कांस्टेबल राज सिंह और कांस्टेबल चंदर पाल को शामिल किया गया। पूरी कार्रवाई मॉडल टाउन थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर अशोक गिरि की निगरानी में की गई। पुलिस टीम को आरोपी की पहचान करने, उसके संभावित ठिकानों का पता लगाने और जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई। इसके लिए स्थानीय स्तर पर पूछताछ के साथ-साथ तकनीकी इनपुट का भी विश्लेषण किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी वारदात के बाद दिल्ली से निकलकर बिहार में अपने गांव पहुंचने की कोशिश कर सकता है। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने उसके संभावित भागने के रास्तों और आवाजाही पर नजर रखनी शुरू कर दी। तकनीकी जानकारी और जांच के दौरान राहुल की लोकेशन उत्तर प्रदेश के मुगलसराय रेलवे स्टेशन के आसपास मिली। पुलिस को आशंका थी कि वह ट्रेन के जरिए बिहार पहुंचने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने बिना देरी किए रेलवे कर्मचारियों से संपर्क किया और स्टेशन पर संयुक्त तलाशी अभियान चलाने की रणनीति तैयार की।
पुलिस और रेलवे कर्मचारियों ने स्टेशन पर मौजूद ट्रेनों की जांच शुरू की। संभावित ट्रेनों के डिब्बों को एक-एक करके खंगाला गया, ताकि आरोपी को भागने का मौका न मिले। काफी सतर्कता और आपसी समन्वय के बाद पुलिस टीम ने राहुल उर्फ गुलाब को मुगलसराय रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, हत्या की वारदात के महज 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करना जांच और त्वरित कार्रवाई की बड़ी सफलता रही। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 30 वर्षीय राहुल उर्फ गुलाब पुत्र जयदेव कुमार, निवासी गांव जरामपुर, थाना झड़ापुर, जिला भागलपुर, बिहार के रूप में हुई है।
दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिमी जिले की डीसीपी आकांक्षा यादव ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों, वारदात के घटनाक्रम और घटना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल कर रही है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हत्या की घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें शामिल अन्य संभावित तथ्यों की क्या भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।





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