मास्टर ड्रेनेज प्लान वरदान साबित होगा दिल्ली के लिए : विनोद जायस
जलभराव से नहीं जूझना पड़ेगा पड़ेगा दिल्ली को
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : राजधानी दिल्ली के ड्रेनेज प्लान में अपने शासन के दौरान आम आदमी पार्टी की सरकार नें कोई सुधार नहीं किया था जिसके चलते मानसून के दौरान हर साल डूबती थी ,आप पार्टी की सरकार की विदाई के बाद भाजपा सरकार के दौरान पहले मानसून के दौरान भी लोगो को मानसून के दौरान खराब एवं ध्वस्त हो चुके सिस्टम के चलते भयंकर जलभराव से जूझना पड़ा था जिस पर आप पार्टी के नेताओं नें बवाल मचाया था लेकिन अब ट्रिपल इंजन सरकार नें इस और योजना बनानी शुरू कर दी है अब दिल्ली की जनता को आने वाले समय में जलभराव से नहीं जूझना पड़ेगा | यह कहना है भारतीय जनता पार्टी उत्तर पूर्वी जिले के उपाध्यक्ष ठाकुर विनोद जायस का |
विनोद जायस कहते हैं जलभराव और बाढ़ के खतरे से राहत के लिए दिल्ली सरकार ने मास्टर ड्रेनेज प्लान तैयार किया है, उस प्लान के तहत दिल्ली के एक-एक इलाके का कैचमेंट एरिया चिह्नित किया जाएगा। ताकि सालों से जलभराव की जो समस्या है, उसे स्थायी रूप से खत्म किया जा सके। प्लान के तहत मुबारकपुर डबास, प्रेम नगर और प्रवेश नगर इलाके को मिलाकर कुल 800 एकड़ कैचमेंट एरिया चिह्नित किया गया है, जिसमें जलभराव के 40 हॉटस्पॉट की भी पहचान की गई है। इस एरिया में सभी विभागों को मिलाकर नालों की कुल लंबाई 484 किमी है जिसमें से 90 किमी ड्रेन स्ट्रेच का रीमॉडलिंग किया जाएगा।

दिल्ली मास्टर ड्रेनेज प्लान पर पांच फेज में कुल 57 हजार 364 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विनोद जायस कहते हैं दिल्ली का नया ड्रेनेज मास्टर प्लान जो एक बड़ा प्रोजेक्ट है, राजधानी को बाढ़ और जलभराव से बचाने के लिए बनाया गया है; यह प्लान करीब पचास साल बाद 1976 के प्लान के बाद आया है और दिल्ली को नजफगढ़, बारापुला और ट्रांस-यमुना बेसिन में बांटकर अगले 30 सालों की जरूरतों के हिसाब से मौजूदा ड्रेनेज और सीवर सिस्टम को अपग्रेड करने, नालों की डी-सिल्टिंग और नए डैम बनाने पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य प्रति घंटे 70 एमएम तक की बारिश का प्रबंधन करना है। विनोद जायस कहते हैं दिल्ली में तीन ड्रेन बेसिन हैं, जिसमें सबसे बड़ा नजफगढ़ ड्रेन बेसिन, दूसरा बारापूला और तीसरा शाहदरा ड्रेन बेसिन है।
नजफगढ़ ड्रेन बेसिन का कैचमेंट एरिया सबसे बड़ा है, जिससे बेसिन एरिया को अलग-अलग टुकड़ों में बांटा गया है। हर हिस्से कैचमेंट एरिया, नालों की कुल संख्या और उनकी लंबाई भी चिन्हित की गई है। इसी तरह से शाहदरा और बारापूला ड्रेन बेसिन का कैचमेंट एरिया, नालों की लंबाई और नालों की संख्या चिह्नित की जाएगी। नजफगढ़ बेसिन एरिया में मुबारकपुर डबास, प्रेम नगर फेज-1, 2 और 3 और प्रवेश नगर में कुल कैचमेंट एरिया 800 एकड़ पहचान की गई है। विनोद जायस कहते हैं पचास साल बाद बना यह प्लान दिल्ली को बड़ी राहत देगा और जल्द ही इसकी सम्भावना है |



