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Lakhimpur Tragedy: शारदा नहर में गिरी कार, गेट लॉक होने से बाहर न निकल सके सवार, शादी से लौट रहे 5 लोगों की दर्दनाक मौत

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Lakhimpur Tragedy: शारदा नहर में गिरी कार, गेट लॉक होने से बाहर न निकल सके सवार, शादी से लौट रहे 5 लोगों की दर्दनाक मौत

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डूबो दिया। तेज रफ्तार से जा रही एक ऑल्टो कार अचानक अनियंत्रित होकर शारदा नहर में जा गिरी, जिसमें सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। कार का दरवाजा लॉक हो जाने के कारण अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके और पानी में डूबते हुए तड़पते रह गए।

पुलिस के अनुसार यह घटना पढुआ थाना क्षेत्र के ढखेरवा–गिरजापुरी हाईवे पर पारस पुरवा गांव के पास रात करीब 12 बजे हुई। कार सवार सभी लोग एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद घर वापस लौट रहे थे। रास्ता अंधेरा था और घना कोहरा भी छाया हुआ था, जिसके चलते चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और कार पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नहर में जा गिरी। हादसे के बाद कार कुछ ही सेकंड में पूरी तरह पानी में डूब गई।

ग्रामीणों ने दुर्घटना की आवाज सुनकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से नहर किनारे टॉर्च की रोशनी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। क्रेन मंगाकर कार को नहर से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी — कार पूरी तरह चकनाचूर हालत में मिली और उसके भीतर फंसे पांचों लोगों की मृत्यु हो चुकी थी। गंभीर घायल चालक को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।

परिजनों ने बताया कि मृतक एक ही परिवार और रिश्तेदार थे, जिससे पूरे गांव में मातम का माहौल बन गया। अस्पताल और घटना स्थल पर चीख-पुकार और रोने की आवाजों से माहौल गमगीन हो गया। पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार, कम दृश्यता, अंधेरा और कोहरा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुल के पास पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और प्रशासन को सुरक्षा बैरियर और चेतावनी संकेत लगाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह हादसा सड़क सुरक्षा और स्पीड कंट्रोल की गंभीरता को एक बार फिर सामने लेकर आया है।

यह त्रासदी केवल पांच जिंदगियां नहीं ले गई, बल्कि उनके परिवारों की दुनिया उजाड़ गई है—एक पल की लापरवाही उम्र भर का दर्द बन गई।

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