Uttarakhand Truck Accident: उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा हादसा: टिहरी में ट्रक पलटने से एक श्रद्धालु की मौत, 14 घायल
उत्तराखंड में सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान दर्दनाक हादसा हुआ है। टिहरी जिले में ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर एक ट्रक पलटने से उसमें सवार कांवड़ियों में से एक श्रद्धालु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 14 अन्य यात्री घायल हो गए। यह हादसा मंगलवार सुबह टिहरी के जाजल फकोट इलाके में हुआ, जब 15 कांवड़ यात्री ट्रक में सवार होकर टिहरी से नरेंद्रनगर की ओर जा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक ट्रक सड़क पर असंतुलित होकर पलट गया और उसमें सवार सभी यात्री नीचे दब गए। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय लोग और पुलिस कर्मियों ने मिलकर बचाव अभियान शुरू किया। भारी मशक्कत के बाद सभी घायलों को ट्रक के नीचे से निकाला गया और प्राथमिक इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने एक श्रद्धालु को मृत घोषित कर दिया, जबकि 14 घायलों में से 4 की हालत गंभीर होने पर उन्हें ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रेफर किया गया है। बाकी घायलों का उपचार स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ये सभी यात्री कांवड़ यात्रा के लिए ऋषिकेश से गंगोत्री की ओर जा रहे थे। यात्रा के दौरान अचानक हुए इस हादसे ने श्रद्धालुओं और प्रशासन दोनों को झकझोर कर रख दिया है।
कांवड़ यात्रा के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु गंगा जल लेने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न तीर्थ स्थलों का रुख करते हैं। यात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए जाते हैं, लेकिन इस हादसे ने इन इंतजामों की गंभीरता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है और प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही, कांवड़ यात्रा मार्गों पर वाहनों की सुरक्षा जांच और यात्री संख्या पर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
श्रद्धालु की मौत और अन्य यात्रियों की गंभीर स्थिति ने सावन के इस पवित्र महीने को गमगीन बना दिया है। इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या हमारी तीर्थ यात्रा व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त हैं?


