Kanpur: कड़ाके की ठंड में गोवंश की सुरक्षा, कानपुर नगर निगम ने गाय-बछड़ों को पहनाए भगवा काउ कोट
कानपुर में बढ़ती कड़ाके की ठंड को देखते हुए नगर निगम ने गोवंश की सुरक्षा के लिए एक सराहनीय पहल की है। सर्द हवाओं और गिरते तापमान से निराश्रित गायों और बछड़ों को बचाने के लिए शहर की गौशालाओं और नंदीशालाओं में पहली बार विशेष भगवा रंग के काउ कोट पहनाए गए हैं। इसके साथ ही अलाव, तिरपाल और बंद शेड जैसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं, ताकि गोवंश को ठंड से राहत मिल सके और उनकी सेहत पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के निर्देश पर कानपुर नगर निगम के अधीन संचालित सभी प्रमुख गौशालाओं में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कान्हा गौशाला किशनपुर, पनकी, जाजमऊ, बकरमंडी और किशनपुर नंदीशाला सहित अन्य स्थानों पर टीन शेड को तिरपाल से पूरी तरह ढक दिया गया है, जिससे ठंडी हवा अंदर न जा सके। रात के समय विशेष रूप से अलाव जलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तापमान गिरने पर भी गोवंश सुरक्षित और आरामदायक माहौल में रह सके।
गौशालाओं में मौजूद गायों और बछड़ों को भगवा रंग के काउ कोट पहनाए गए हैं, जो ठंड से बचाने में मददगार साबित हो रहे हैं। बीते कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही ठंड को देखते हुए नगर निगम ने इन व्यवस्थाओं को और सख्त कर दिया है। अलाव जलाने के लिए लकड़ी के साथ-साथ गौशालाओं में ही तैयार किए गए गो-काष्ठ का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जो गोबर से बनाए गए पर्यावरण अनुकूल उत्पाद हैं।
किशनपुर स्थित कान्हा गौशाला में लगभग 100 बछड़ों के लिए अलग से काफ शेड तैयार किया गया है। यहां चारा, स्वच्छ पीने का पानी और अलाव की विशेष व्यवस्था की गई है। सभी गौशालाओं में पहले से मौजूद शेड, चरही और पानी की नाद को दुरुस्त किया गया है, ताकि ठंड के मौसम में गोवंश को किसी भी तरह की परेशानी न हो। इसके साथ ही उन्हें प्रतिदिन पौष्टिक आहार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
सर्दी के मौसम में बीमारियों की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने पशु चिकित्सकों की भी तैनाती की है। पशुपालन विभाग के डॉक्टर हरिकांत और डॉक्टर प्रदीप दीक्षित रोजाना गौशालाओं का दौरा कर गोवंश का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे और जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज किया जाएगा। नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गोवंश की देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि कोई कमी पाई गई तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
यह पहल न सिर्फ गोवंश के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ठंड के मौसम में पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भी उदाहरण पेश करती है। नगर निगम की इस व्यवस्था से कानपुर की गौशालाओं में रह रहे सैकड़ों गाय-बछड़ों को ठंड से राहत मिलने की उम्मीद है।



