IND vs NZ: छोटे लक्ष्य का पीछा करने में छूटे भारत के पसीने, दूसरे वनडे में चार रन से जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त
भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में जीत दर्ज करके पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। हालांकि, वेलिंगटन में शनिवार, सात नवंबर को खेला गया मुकाबला भारतीय बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं रहा। गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड को महज 134 रन पर समेट दिया, लेकिन 135 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम लगातार विकेट गंवाती रही। बारिश के कारण मुकाबला दोबारा शुरू नहीं हो सका और भारत को डकवर्थ लुईस स्टर्न यानी डीएलएस पद्धति के आधार पर चार रन से विजेता घोषित किया गया।
बारिश ने मैच की शुरुआत से ही असर डाला। टॉस में देरी के बाद मुकाबला दोनों टीमों के लिए 47-47 ओवर का कर दिया गया। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। बादलों से घिरे मौसम और तेज गेंदबाजों की मददगार परिस्थितियों में भारतीय आक्रमण ने इस फैसले को सही साबित किया। न्यूजीलैंड के बल्लेबाज शुरुआत से दबाव में रहे और नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।
भारत की ओर से गुरनूर बराड़ ने सबसे प्रभावशाली गेंदबाजी की। उन्होंने दस ओवर में 30 रन देकर चार विकेट लिए और अपने वनडे करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। आकिब नबी और अंशुल कंबोज ने दो-दो विकेट लेकर तेज आक्रमण को मजबूती दी। अक्षर पटेल ने भी दो विकेट चटकाए। तेज गेंदबाजों की गति और उछाल के साथ अक्षर की नियंत्रित गेंदबाजी ने मेजबान बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
न्यूजीलैंड के लिए डेरिल मिचेल ने संघर्ष करते हुए 55 रन बनाए। कप्तान मिचेल सैंटनर ने 31 रन का योगदान दिया। दोनों ने 59 रन की साझेदारी करके लड़खड़ाती पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन उनके आउट होने के बाद बाकी बल्लेबाज स्कोर को ज्यादा आगे नहीं बढ़ा सके। न्यूजीलैंड की पूरी टीम 41 ओवर में 134 रन पर सिमट गई।
लक्ष्य छोटा था, लेकिन न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों की भी कड़ी परीक्षा ली। जैकब डफी ने शुभमन गिल को उनकी पहली ही गेंद पर शून्य पर आउट कर दिया। विराट कोहली भी सात रन बनाकर डफी का शिकार हो गए। शुरुआती दो झटकों के बाद रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर पर पारी संभालने की जिम्मेदारी आ गई।
रोहित ने कुछ आक्रामक शॉट लगाकर दबाव कम करने की कोशिश की, लेकिन वह 28 गेंदों में 23 रन बनाकर काइल जेमीसन की गेंद पर आउट हो गए। अक्षर पटेल भी सात रन ही बना सके। भारत ने 47 रन तक चार विकेट गंवा दिए थे और आसान दिख रहा लक्ष्य चुनौतीपूर्ण बन गया।
इसके बाद श्रेयस अय्यर और केएल राहुल ने पारी को संभाला। दोनों ने सावधानी से बल्लेबाजी करते हुए स्कोर आगे बढ़ाया, लेकिन अय्यर के आउट होते ही मुकाबला फिर खुल गया। उन्होंने 46 गेंदों में 30 रन बनाए। नमन धीर ने 12 रन जोड़े, जबकि अंशुल कंबोज केवल एक रन बना सके। डफी और जेमीसन ने तीन-तीन विकेट लेकर भारतीय टीम पर दबाव बनाए रखा।
जब बारिश के कारण खेल रोका गया, तब भारत का स्कोर 26 ओवर में सात विकेट पर 113 रन था। राहुल 26 और आकिब नबी एक रन बनाकर नाबाद थे। भारतीय टीम को मूल लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अभी 21 ओवर में 22 रन चाहिए थे, लेकिन उसके केवल तीन विकेट बाकी थे। उस समय डीएलएस का पार स्कोर 109 रन था और भारत उससे चार रन आगे था। लगातार बारिश के चलते आगे खेल संभव नहीं हुआ और इसी अंतर से भारत की जीत तय हुई।
मैच के बाद शुभमन गिल ने स्वीकार किया कि बल्लेबाजी आसान नहीं थी। न्यूजीलैंड को 134 रन पर रोकने के बाद उन्हें लक्ष्य का पीछा अपेक्षाकृत सरल रहने की उम्मीद थी, लेकिन परिस्थितियों ने बल्लेबाजों को मुश्किल में डाला। उन्होंने अंतिम चरण में विकेट गंवाने को सुधार की जरूरत वाला पहलू बताया। बारिश की संभावना के बीच नमन धीर और अंशुल कंबोज के आउट होने वाले शॉट से भी वह संतुष्ट नहीं दिखे।
गिल ने गुरनूर की गेंदबाजी की सराहना करते हुए कहा कि उनके पास गति और उछाल है तथा अनुभव बढ़ने के साथ उनकी निरंतरता बेहतर होगी। गुरनूर को शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने अपने प्रदर्शन में टीम के सहयोग और सीनियर खिलाड़ियों से मिले मार्गदर्शन की भूमिका बताई। अब तीसरा वनडे दस नवंबर को हैमिल्टन में खेला जाएगा, जहां भारत के पास लगातार तीसरी जीत के साथ सीरीज अपने नाम करने का मौका होगा।





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