शिक्षा निदेशालय के सर्वे में ही दिल्ली के कई स्कूलों में बिजली पानी की कमी
* सात माह बाद भी इंतजाम नहीं कर सकी ट्रिपल इंजन सरकार
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिल्ली सरकार के मातहत शिक्षा निदेशालय के एक सर्वे नें ही इस बात का खुलासा किया है कि दिल्ली जल बोर्ड या मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज से जुड़े 703 स्कूलों में से 100 से ज्यादा स्कूलों ने पानी की आपूर्ति अविश्वसनीय है। 59 स्कूलों से जानकारी मिली कि उन्हें रुक-रुककर पानी मिलता है,जबकि 48 स्कूलों ने अनियमित या बिल्कुल भी नहीं मिलने की बात कही है | यह कहना है आम आदमी पार्टी घोंडा विधानसभा के पूर्व संगठन मंत्री अरुण तोमर का |
अरुण तोमर कहते हैं दिल्ली के समग्र विकास का दावा करने वाली ट्रिपल इंजन सरकार को सात माह हो चुके है बावजूद इसके ये हालत सामने आ रहे हैं | शिक्षा निदेशालय (डीओई) के एक सर्वे में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी सामने आई है। कई स्कूल ऐसे हैं जहां पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। 799 स्कूलों से मिले आंकड़ों पर आधारित इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 100 से ज्यादा स्कूल पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं और 6 स्कूलों में बिजली कनेक्शन भी नहीं है।
अरुण तोमर कहते हैं ये आंकड़े पुष्टि करते हैं कि सरकारी स्कूलों में ट्रिपल इंजन की सरकार अभी तक बुनियादी सुविधाएँ भी नहीं उपलब्ध कर सकी है | और ना ही यह सरकार बढ़ती हुई छात्र संख्या के हिसाब से बुनियादी ढांचे का विकास कर पा रही है । जबकि कक्षाओं और दाखिलों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। शिक्षा निदेशालय के अनुसार,दिल्ली जल बोर्ड या मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज से जुड़े 703 स्कूलों में से 100 से ज्यादा स्कूलों ने पानी की आपूर्ति को अविश्वसनीय बताया है। 59 स्कूलों ने कहा कि उन्हें रुक-रुककर पानी मिलता है,जबकि 48 स्कूलों ने अनियमित या बिल्कुल भी पानी न मिलने की शिकायत की,जिसकी वजह से उन्हें टैंकरों और सबमर्सिबल पर निर्भर रहना पड़ता है। शिक्षकों ने बताया कि इससे न केवल रोजाना के काम प्रभावित होते हैं,बल्कि खासकर गर्मियों में स्वच्छता से जुड़ी समस्याएं भी पैदा होती हैं।
अरुण तोमर कहते हैं यह आंकड़े किसी पार्नटी नेंजारी नहीं किये है बल्कि दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय का सर्वेक्षण है जिसमें 100 से ज्यादा स्कूल पानी के टैंकरों पर निर्भर है, 59 स्कूलों में पानी रुक-रुक कर मिलता है, 48 स्कूलों में अनियमित या बिलकुल भी पानी नही मिलने की शिकायत है और 22 स्कूल पूरी तरह से पानी के टैंकर पर और 64 स्कूल बोरवेल पर पूरी तरह निर्भर है। जबकि 10 स्कूलों में पानी की बिलकुल भी आपूर्ति नही है। यही हाल सरकारी स्कूलों में बिजली सप्लाई का है।
6 स्कूलों में बिजली का कनेक्शन ही नही है, 17 स्कूलों में बार-बार बिजली जाती है, 16 स्कूलों में अनियमित आपूर्ति की शिकायत है। जिन स्कूलां में जनरेटर नही है वहां पढ़ाई बाधित हो रही है। छात्र और शिक्षक दिल्ली सरकार के अव्यवहारिक व्यवहार से परेशान है जबकि बोरवेल के पानी की गुणवत्ता और गर्मियों में छात्रों को कठिनाईयों को सामना करना पड़ रहा है। अरुण तोमर कहते हैं शिक्षा निदेशालय का यह सर्वे साफ़ बता रहा है दिल्ली की ट्रिपल इंजन सरकार शिक्षा के क्षेत्र में जो सुधर का दावा करती है वह केवल गुमराह करने वाला है |



