H1N1 Cases: दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 138 नए मामले, कुल संख्या 2,446 पहुंची; अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली सरकार के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी में H1N1 के 138 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही वर्ष 2026 में दिल्ली में H1N1 के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 2,446 हो गई है। वहीं, इन्फ्लूएंजा-ए के कुल 3,177 मामले दर्ज किए गए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने और मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राजधानी में फ्लू के मामलों में हो रही वृद्धि के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा की है। अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि संभावित मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में इलाज की व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए अस्पतालों में आइसोलेशन बेड से लेकर डॉक्टरों, दवाओं और जांच से संबंधित सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी अस्पतालों को कम से कम पांच आइसोलेशन बेड उपलब्ध रखने होंगे। बड़े अस्पतालों में 10 या इससे अधिक आइसोलेशन बेड की व्यवस्था करने को कहा गया है। इन बेड का इस्तेमाल इन्फ्लूएंजा और आवश्यकता के अनुसार वेक्टर जनित बीमारियों से प्रभावित मरीजों के उचित प्रबंधन के लिए किया जा सकेगा।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों को डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा कर्मचारियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके लिए शिफ्ट के अनुसार ड्यूटी रोस्टर तैयार करने को कहा गया है, ताकि चौबीसों घंटे चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहें और किसी मरीज को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े।
स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों जैसे संवेदनशील वर्गों पर विशेष ध्यान देने को कहा है। ऐसे लोगों में फ्लू के लक्षण सामने आने पर समय पर चिकित्सकीय आकलन और आवश्यक देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों से कहा गया है कि अधिक जोखिम वाले मरीजों की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उनके उपचार की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर की जाए।
आपातकालीन विभागों में फ्लू कॉर्नर स्थापित करने या पहले से मौजूद फ्लू कॉर्नर को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। इन फ्लू कॉर्नर में सीनियर रेसिडेंट डॉक्टरों को इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संदिग्ध मरीज अस्पताल पहुंचते ही उनका प्रारंभिक आकलन किया जा सके।
अस्पतालों से कहा गया है कि H1N1 या अन्य इन्फ्लूएंजा संक्रमण के संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच की जाए। जहां चिकित्सकीय रूप से आवश्यक हो, वहां मरीजों के स्वैब सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएं। इससे संक्रमण की समय पर पहचान करने और मरीज का उचित उपचार शुरू करने में मदद मिलेगी।
रेस्पिरेटरी सैंपल कलेक्शन और टेस्टिंग की व्यवस्था को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए अस्पतालों में वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम (VTM) और सैंपल लेने के लिए जरूरी अन्य सामग्री का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग का जोर इस बात पर है कि जांच संबंधी सामग्री की कमी के कारण किसी संदिग्ध मरीज की जांच में देरी न हो।
इसके साथ ही अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई है। अस्पताल प्रशासन को जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने और उनकी उपलब्धता के संबंध में नियमित रिपोर्ट देने को कहा गया है। यदि किसी दवा की कमी होने की आशंका हो तो समय रहते उसकी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जरूरत पड़ने पर अस्पतालों को स्थानीय स्तर पर भी आवश्यक दवाओं की खरीद सुनिश्चित करने को कहा है। इसका उद्देश्य यह है कि दवा उपलब्ध नहीं होने की वजह से किसी मरीज के इलाज में बाधा न आए। अस्पताल प्रशासन को दवाओं और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली में H1N1 के मामलों में वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग का फोकस संक्रमण की समय पर पहचान, गंभीर मरीजों के बेहतर प्रबंधन और अस्पतालों की तैयारियों को मजबूत करने पर है। आइसोलेशन बेड, फ्लू कॉर्नर, डॉक्टरों की उपलब्धता और जांच की पर्याप्त व्यवस्था के जरिए मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है। बुखार, खांसी, गले में खराश, सर्दी-जुकाम या फ्लू जैसे अन्य लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और अधिक जोखिम वाले लोगों में लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई है।
इसके साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने, जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल करने और खांसते या छींकते समय मुंह तथा नाक को ढकने जैसी सामान्य सावधानियां अपनाने पर जोर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों को अलर्ट रखने के साथ राजधानी में इन्फ्लूएंजा की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।



