Greater Noida Accident: घना कोहरा बना जानलेवा, ग्रेटर नोएडा के ईस्टर्न पेरीफेरल हाईवे पर 12 वाहनों की भीषण टक्कर, कई घायल
ग्रेटर नोएडा में घने कोहरे ने सोमवार सुबह बड़ा हादसा करा दिया जब ईस्टर्न पेरीफेरल हाईवे पर दनकौर थाना क्षेत्र में करीब 12 वाहन एक के बाद एक आपस में टकरा गए। हादसा इतना भीषण था कि हाईवे पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और ट्रैफिक विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार यह दुर्घटना उस समय हुई जब वाहन पलवल से ग्रेटर नोएडा की ओर आ रहे थे और घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम थी। अचानक सामने चल रहे वाहनों के ब्रेक लगने से पीछे से आ रहे वाहन समय पर रुक नहीं सके और एक के बाद एक कई गाड़ियां टकरा गईं। हादसे में पवन पुत्र ओमप्रकाश (35 वर्ष) निवासी ग्राम कुटानी पानीपत हरियाणा, ऊषा पत्नी अर्जुन (38 वर्ष) निवासी सिल्वर सिटी मेरठ और कपिल पुत्र तेजपाल (45 वर्ष) निवासी खुनपुरा मिल मंसूरपुर मुजफ्फरनगर समेत कई लोग घायल हुए हैं। चिकित्सकों के मुताबिक सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर धीरे-धीरे खुलवाना शुरू किया। पुलिस का कहना है कि पिछले तीन दिनों से ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में लगातार घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। इससे पहले भी शनिवार और रविवार को इसी ईस्टर्न पेरीफेरल हाईवे पर कोहरे के कारण वाहन आपस में टकरा चुके हैं। कोहरे की गंभीर स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने एहतियातन ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट से यमुना एक्सप्रेसवे की ओर वाहनों को काफिले के रूप में भेजना शुरू कर दिया है। जीरो पॉइंट पर पुलिस और ट्रैफिक विभाग की टीमें तैनात हैं और माइक के जरिए लगातार वाहन चालकों को सतर्क किया जा रहा है। एक बार में 10 से 15 वाहनों को काफिले में आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि जीरो विजिबिलिटी के चलते किसी बड़े हादसे को रोका जा सके। प्रशासन ने बताया कि घने कोहरे के कारण यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और एलिवेटेड रोड पर स्पीड लिमिट भी कम कर दी गई है, जो 15 फरवरी तक लागू रहेगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है ताकि कोहरे के कारण जानलेवा हादसों से बचा जा सके।



