सत्य के साथ • आपके साथशनिवार, 7 नवंबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
Delhi Building Collapse: दिल्ली में इमारतें नहीं, निगम का भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था ढह रही है : श्याम सुन्दर अग्रवालFood Adulteration: मिलावट के खिलाफ मुख्यमंत्री का सड़क पर उतरना जन स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण : रोमेश चंद्र गुप्ताFood Adulteration: मुख्यमंत्री की सक्रियता से मिलावटखोरों में मचेगा हड़कंप, जनता की सेहत से समझौता नहीं करेगी सरकार : गुरमीत सिंह सूराFood Adulteration: मिलावटखोरों पर कार्रवाई से त्योहारों में जनता को मिलेगा शुद्ध खाद्य पदार्थों का भरोसा : विनीत जैनSolar Energy: दिल्ली की हर छत को सौर ऊर्जा से जोड़ने की पहल सराहनीय : राजकुमार बल्लनDelhi Laxmi Yojana: इस बार भी दीपावली पर महिलाओं के खातों में नहीं आए पैसे, मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर भी नहीं मिला : नीलम चौधरीMumbai Building Fire: घाटकोपर की 25 मंजिला इमारत की 23वीं मंजिल पर लगी आग, एक व्यक्ति के झुलसने की खबरVaibhav Sooryavanshi Bihar Captain: वैभव सूर्यवंशी को मिली बिहार की कप्तानी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के शुरुआती दो मैचों में संभालेंगे कमान

Gopalganj Cyber Fraud: चाय वाले के घर से बरामद हुए 1.05 करोड़ रुपये, सोना-चांदी और 85 एटीएम कार्ड, साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब

3 मिनट पढ़ें

Gopalganj Cyber Fraud: चाय वाले के घर से बरामद हुए 1.05 करोड़ रुपये, सोना-चांदी और 85 एटीएम कार्ड, साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब

बिहार के गोपालगंज में पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह मामला तब सामने आया जब पुलिस ने एक साधारण चाय दुकान चलाने वाले व्यक्ति के घर से करोड़ों की नकदी, सोना, चांदी और साइबर अपराध से जुड़ा भारी सामान बरामद किया। इस कार्रवाई ने स्थानीय पुलिस से लेकर उच्च अधिकारियों तक को चौंका दिया है।
साइबर डीएसपी अवंतिका दिलीप कुमार के नेतृत्व में 17 अक्टूबर को गोपालगंज के शांतिपुर इलाके में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो सगे भाइयों—अभिषेक कुमार और आदित्य कुमार—को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके घर से 1 करोड़ 5 लाख 49 हजार 850 रुपये नकद, 344 ग्राम सोना, 1.75 किलोग्राम चांदी, 85 एटीएम कार्ड, 75 बैंक पासबुक, 28 चेकबुक, दो लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन और एक लग्जरी कार जब्त की।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अभिषेक कुमार पहले चाय की दुकान चलाता था, लेकिन बाद में वह दुबई चला गया। वहीं से उसने साइबर ठगी का यह नेटवर्क संचालित करना शुरू किया। उसका भाई आदित्य कुमार भारत में रहकर इस पूरे रैकेट को संभालने में मदद करता था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी के जरिए लोगों से बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाता था और बाद में इन्हें नकद में बदलकर अपने पास रखता था।
बरामद पासबुक और एटीएम कार्ड की जांच में यह पाया गया है कि ज्यादातर बैंक खाते बेंगलुरु के हैं। इससे पुलिस को शक है कि यह गिरोह केवल बिहार तक सीमित नहीं बल्कि अन्य राज्यों तक फैला हुआ है। साइबर सेल अब यह जांच कर रही है कि क्या यह नेटवर्क राष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाले किसी बड़े साइबर सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है।
इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और ज्वेलरी मिलने के बाद आयकर विभाग और एटीएस की टीमें भी जांच में शामिल हो गई हैं। उन्होंने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है ताकि इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों और अंतरराज्यीय कनेक्शन का पता लगाया जा सके।
स्थानीय लोगों में इस खुलासे के बाद दहशत और हैरानी का माहौल है। एक साधारण चायवाले के घर से करोड़ों की संपत्ति और साइबर ठगी का जाल बरामद होना यह साबित करता है कि डिजिटल अपराध अब गांवों और छोटे कस्बों तक पहुंच चुका है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *