Food Safety: मिलावटखोरों से सख्ती से निपट रही है सरकार, खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता : रोमेश चंद गुप्ता
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार)। त्योहारों के मौसम में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ ही उनकी गुणवत्ता, शुद्धता और सुरक्षित रखरखाव सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण चुनौती बन जाता है। इस दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से किए जा रहे निरीक्षणों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच के दौरान स्वच्छता और खाद्य पदार्थों के रखरखाव से जुड़ी कमियां सामने आने के बाद मिलावट पर रोक लगाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
दिल्ली नगर निगम की शिक्षा समिति के पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ भाजपा नेता रोमेश चंद गुप्ता ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान आम जनता को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। मिठाइयों और दूसरे खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है, ताकि किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय बड़ी संख्या में लोग मिठाइयां और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते हैं, इसलिए इनकी गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखना जरूरी है।
रोमेश चंद गुप्ता ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग को मिठाई की दुकानों, खाद्य पदार्थ बनाने वाली इकाइयों और अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करना चाहिए। निगरानी केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे वर्ष ऐसी व्यवस्था जारी रहनी चाहिए, जिससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता के मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि जिन प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच के दौरान सामने आने वाली कमियों के आधार पर संबंधित कारोबारियों की जवाबदेही तय करना भी आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों को भी अपनी भूमिका गंभीरता से निभानी चाहिए। दुकानदारों और खाद्य पदार्थ बनाने वाले कारोबारियों को साफ-सफाई, उचित भंडारण और खाद्य सुरक्षा से संबंधित सभी निर्धारित मानकों का पालन करना चाहिए। खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से तैयार करना, उसका सही ढंग से रखरखाव करना और ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराना प्रत्येक कारोबारी की जिम्मेदारी है। इससे उपभोक्ताओं का भरोसा बना रहेगा और लोग त्योहारों के दौरान बिना किसी अनावश्यक चिंता के मिठाइयां तथा अन्य खाद्य पदार्थ खरीद सकेंगे।
रोमेश चंद गुप्ता ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरीक्षण अभियान लगातार जारी रखना जरूरी है। मिठाइयों, खोया और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने समय पर लेकर उनकी जांच कराना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। यदि किसी प्रतिष्ठान में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को भी खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करना आवश्यक है, ताकि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित रखरखाव पर ध्यान दे सकें। प्रशासनिक निगरानी और जन-जागरूकता के संयुक्त प्रयासों से मिलावट की समस्या पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें मिठाई की दुकानों और खाद्य पदार्थों का निर्माण करने वाली इकाइयों का निरीक्षण कर रही हैं। इन निरीक्षणों के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, भंडारण की व्यवस्था और निर्धारित सुरक्षा मानकों के पालन की जांच की जा रही है। जहां कमियां सामने आती हैं, वहां आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए जाते हैं। जरूरत के अनुसार खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया भी अपनाई जाती है, ताकि उनकी गुणवत्ता का परीक्षण किया जा सके। रोमेश चंद गुप्ता ने जोर दिया कि त्योहारों की खुशियों के बीच नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और इस दिशा में निरंतर निगरानी तथा नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।





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