Lokbandhu Hospital Fire: लोकबंधु अस्पताल में आग से मचा हड़कंप, कई मरीजों को किया सुरक्षित बाहर निकाल, एक की मौत

0
41

Lokbandhu Hospital Fire: लोकबंधु अस्पताल में आग से मचा हड़कंप, कई मरीजों को किया सुरक्षित बाहर निकाल, एक की मौत

लखनऊ: लोकबंधु अस्पताल में मंगलवार रात आग लगने की घटना से हड़कंप मच गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरी अस्पताल परिसर में धुआं ही धुआं भर गया। इस हादसे में तीन वार्ड प्रभावित हुए थे, जिसमें आईसीयू भी शामिल था। आग के कारण वार्ड में भर्ती 55 मरीजों को तेजी से बाहर निकाला गया, लेकिन इसमें एक मरीज की मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने ऑक्सीजन की सप्लाई रोक दी थी, जिसके कारण बुजुर्ग की मौत हो गई।

आग लगने की घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। डॉक्टर, अस्पताल स्टाफ और तीमारदारों ने मिलकर कुल 250 मरीजों को अस्पताल से बाहर निकाला। हालांकि, भारी धुएं और बिजली आपूर्ति के बंद होने के कारण राहत कार्य में दिक्कतें आईं। लोकबंधु अस्पताल की निदेशक संगीता गुप्ता ने बताया कि ओपीडी (ओपनिंग पॉलिक्लिनिक) सामान्य रूप से शुरू कर दी गई है, और सभी डॉक्टर चैंबर में मौजूद हैं। हालांकि, ऊपर की मंजिलों पर कुछ जांच कार्य अभी बंद हैं।

उत्तर प्रदेश के डीजी हेल्थ डॉक्टर रतन पाल सिंह ने अस्पताल का दौरा किया और घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने कहा, “इस मामले की जांच चल रही है और आग लगने के कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा।” वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि राज्य सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और इसके कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

आग की वजह को लेकर प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट का अंदाजा लगाया जा रहा है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरे अस्पताल में अंधेरा छा गया, जिससे मरीजों को बाहर निकालने में काफी परेशानी हुई।

अग्निशमनकर्मी की तत्परता से बचाव कार्य

आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर एक दर्जन से अधिक दमकल गाड़ियां पहुंचीं। अफरा-तफरी के बीच अग्निशमनकर्मियों ने अस्पताल की खिड़कियों के शीशे तोड़कर अंदर प्रवेश किया और राहत कार्य शुरू किया। अग्निशमनकर्मी धुएं और अंधेरे में भी पूरी तत्परता से मरीजों को बाहर निकालने में जुटे रहे। इस दौरान, अस्पताल के कर्मचारियों और तीमारदारों ने भी उनकी मदद की।

अग्निशमन विभाग ने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी, जिससे पूरे अस्पताल में अंधेरा फैल गया। राहत कार्य के दौरान धुएं और अन्य समस्याओं के कारण मरीजों को बाहर निकालने में कठिनाई हुई, लेकिन डॉक्टरों, स्टाफ और तीमारदारों की तत्परता से सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

गंभीर मरीजों का शिफ्टिंग
घटना के बाद, तत्काल एम्बुलेंस सेवा 108 को अलर्ट किया गया और 102 तथा 108 की तीन दर्जन से अधिक एम्बुलेंस गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। इन गाड़ियों की मदद से मरीजों को अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया।

फिलहाल, लोकबंधु अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने कहा कि आग रात करीब 10 बजे लगी और शॉर्ट सर्किट को आग लगने का मुख्य कारण बताया जा रहा है। अग्निशमन विभाग की टीम ने स्थिति पर काबू पा लिया है, और सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

निकलकर खुले आकाश में पहुंचाए गए मरीज
आग की लपटें और धुआं अस्पताल की विभिन्न मंजिलों तक फैल गया था, जिससे मरीजों और तीमारदारों के बीच घबराहट फैल गई थी। कई तीमारदार अपने मरीजों को गोद में लेकर भागे, जबकि कुछ मरीज स्ट्रेचर पर थे। मरीजों को खुले आकाश के नीचे पहुंचाया गया, ताकि धुएं से बचाया जा सके।

वहीं, आईसीयू वार्ड में भर्ती गंभीर मरीजों की स्थिति काफी गंभीर हो गई थी। धुएं के कारण दो मरीजों की हालत बेहद नाजुक हो गई। सभी मरीजों को तुरंत बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस द्वारा अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया।

अग्निशमन विभाग की टीम ने कड़ी मेहनत से बचाव कार्य किया
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दमकल की 12 गाड़ियां और दो हाईड्रोलिक प्लेटफार्मों की मदद से आग पर काबू पाया गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि वे पहले, दूसरे और तीसरे तल तक पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया और राहत कार्य को अंतिम रूप दिया।

अगली जांचें जारी
घटना के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने अस्पताल के सभी पहलुओं की जांच के आदेश दिए हैं। इस हादसे को लेकर उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो आग लगने के कारणों का पता लगाएगी। इस समय, अस्पताल में स्थितियां नियंत्रण में हैं और जनरल ओपीडी का काम सामान्य रूप से चल रहा है।

अस्पताल प्रशासन और सरकारी अधिकारियों ने इस घटना में अपनी पूरी तत्परता से काम किया, जिससे कई मरीजों की जान बचाई जा सकी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here