रैन बसेरों में नहीं मिल रही आश्रितों को पूरी सुविधाएं : परमानन्द शर्मा
लोग पटरियों पर सोने को मजबूर
नई दिल्ली (सी.पी.एन.न्यूज़ ) कड़ाके की ठंड पड़नी दिल्ली में शुरू हो चुकी है और आज भी दिल्ली के अनेक फुठपाथों पर लोग खुले आसमान या फ्लाई ओवरों के नीचे सोने को मजबूर है वहीं दिल्ली सरकार यह दावा कर रही है बे-घरो के लिए पर्याप्त मात्र में दिल्ली में रेन बसेरों की व्यवस्था की गई है ,यह सरासर झूठ है यह कहना है रामनगर वार्ड से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी वरिष्ठ कांग्रेस नेता परमानन्द शर्मा का |
परमानन्द शर्मा कहते हैं एक तो पर्याप्त मात्र में रेन बसेरों की व्यवस्था ही नहीं है और यदि है भी तो उनमे असुविधाएं व्याप्त है | परमानन्द शर्मा कहते हैं दिल्दिली सरकार कहती है दिल्ली में में 20 हजार से अधिक बेघरों के सोने की व्यवस्था है, लेकिन यह आंकड़ो की बाजीगिरी के अलावा और कुछ भी नहीं है । क्योंकि रेन बसेरो को जो जगह उपलब्ध करायी गई है उसमे दस हजार लोग भी सही तरीके से विश्राम नहीं कर सकते |
परमानन्द शर्मा कहते है दिल्ली के रैन बसेरों में न्यूनतम मानकों का पालन भी कायदे से नहीं किया जा रहा महिला सुरक्षा, स्वच्छता, भोजन और कंबलों की व्यवस्था भी ठीक से नहीं है | परमानन्द शर्मा कहते हैं बिना मूलभूत सुविधाओं के रैन बसेरों का क्या लाभ | रैन बसेरों में बेघर एवं जरूरतमंद लोग ही पहुंचते है लिहाजा वहां उन्हें तमाम सुविधाएं मिलनी चाहिए |
परमानन्द शर्मा कहते हैं उनके क्षेत्र नत्थू कालोनी और शाहदरा रेलवे स्टेशन के आस-पास आज भी बड़ी मात्र में बेघर पटरियों पर सोते हैं यदि रेन बसेरे पर्याप्त मात्र में और सुविधाओं के साथ हों तप लोग पटरियों पर क्यों सोयेगें | परमानन्द शर्मा कहते हैं बीती सर्द रातों में रैन बसेरों के एक संस्था और कांग्रेस से संबधित लोगों के दौरे करने के बाद विशेष रूप से पैगोडा टेंटों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जिनमें मोबाइल टॉयलेट की स्थिति बेहद दयनीय थी, प्लास्टिक के टॉयलेट बदहाल, बदबूदार और टूटे हुए पाए गए, हाथ धोने के लिए पानी की टंकियां तो हैं, लेकिन पानी नहीं है, परमानन्द शर्मा कहते हैं जैसा की दिल्ली सरकार नें घोषणा की थी अस्थाई रैन बसेरों का इंतजाम किया जाएगा सरकार को सर्वे कराकर और अधिक रेन बसेरे खुलवाने चाहिए |



