Delhi-Dehradun Expressway Inauguration: पीएम मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया
पीएम मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, दिल्ली से देहरादून तक यात्रा हुई तेज और आसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सहारनपुर पहुंचकर बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का विधिवत उद्घाटन किया और इसे राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने गणेशपुर में उतरकर डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना की और बाद में देहरादून में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह हाई-स्पीड कॉरिडोर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाली एक ऐतिहासिक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जिसे ‘नए भारत’ की तेज रफ्तार विकास यात्रा का प्रतीक माना जा रहा है। उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने इस परियोजना को सिर्फ एक सड़क नहीं बल्कि आर्थिक विकास, पर्यटन विस्तार और औद्योगिक प्रगति का मजबूत आधार बताया। इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर क्षेत्र से होती है, जहां से एलिवेटेड कॉरिडोर के माध्यम से वाहन बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ते हैं और सिग्नल-फ्री यात्रा का अनुभव प्रदान करते हैं। लगभग ढाई घंटे में दिल्ली से देहरादून तक का सफर संभव हो गया है, जिससे पहले लगने वाला लंबा समय अब काफी कम हो गया है। इस मार्ग से गुजरते समय दिल्ली-एनसीआर के कई भीड़भाड़ वाले इलाकों जैसे गाजीपुर बॉर्डर, आनंद विहार और गाजियाबाद से यात्रियों को अब नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे ट्रैफिक दबाव भी कम होगा और प्रदूषण में भी गिरावट आने की उम्मीद है।
यह कॉरिडोर केवल यात्रियों के लिए ही नहीं बल्कि लॉजिस्टिक्स और व्यापार के लिए भी बड़ी राहत लेकर आया है क्योंकि पंजाब और हरियाणा से आने वाले वाहन कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेसवे के माध्यम से सीधे इस रूट से जुड़ सकेंगे और उन्हें दिल्ली में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। सड़क को आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है जिसमें ऑल वेदर कंडीशन, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और वाइल्डलाइफ कॉरिडोर जैसी सुविधाएं शामिल हैं ताकि मानसून के दौरान पहाड़ों में भूस्खलन और जलभराव जैसी समस्याओं से बचा जा सके। इसके साथ ही सड़क पर फॉग लाइटिंग, नॉइस बैरियर और कंपन नियंत्रण जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया है जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और आरामदायक बन सके। हालांकि शुरुआती दिनों में ई-रिक्शा, ऑटो और ट्रैक्टर जैसे धीमी गति वाले वाहनों की मौजूदगी भी देखी गई, जबकि एनएचएआई के नियमों के अनुसार इन वाहनों को इस एक्सप्रेसवे पर अनुमति नहीं दी गई है और आने वाले समय में इस पर सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा को तेज करेगा बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देगा और दिल्ली-एनसीआर के यातायात भार को कम करते हुए पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को एक नए स्तर पर ले जाएगा।



