Delhi Pollution Control: प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली सरकार पूरे समर्पण से कार्य कर रही है – संजय गोयल
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में दक्षिण-पश्चिम और पश्चिमी दिल्ली जिलों में वायु प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की। बैठक में संबंधित विधायक, जिलाधिकारी, पुलिस, नगर निगम (एमसीडी), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), मेट्रो, रेलवे, ट्रैफिक पुलिस तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में दोनों जिलों में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान करने और उन्हें नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की गई।
इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए शाहदरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक संजय गोयल ने कहा कि दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण को रोकने के लिए पूरे समर्पण के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि समीक्षा बैठक में दोनों जिलों के प्रदूषण हॉटस्पॉट, ट्रैफिक जाम वाले स्थानों, वाहनों की धीमी आवाजाही, सड़कों पर जमा धूल, अतिक्रमण, निर्माण गतिविधियों और खुले में कूड़ा जलाने सहित प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों पर विस्तार से विचार किया गया। बैठक का उद्देश्य इन समस्याओं की पहचान कर संबंधित विभागों के माध्यम से उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाना रहा।
संजय गोयल के अनुसार, बैठक में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ जमीनी स्तर पर कार्रवाई करने और चिन्हित समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की नियमित समीक्षा कर रही है। इसके तहत सभी जिलों के जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं, ताकि प्रदूषण के स्थानीय कारणों को समझकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इसी क्रम में दक्षिण-पश्चिम और पश्चिमी दिल्ली जिलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
विधायक संजय गोयल ने कहा कि इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करना, रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा करना और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर जमीन पर लागू करना भी जरूरी है। इसके लिए प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी स्पष्ट करने और कार्रवाई की नियमित निगरानी करने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) मॉनिटरिंग स्टेशनों से प्राप्त आंकड़ों और जमीनी निरीक्षण के आधार पर प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। इन स्थानों पर सड़क की धूल, भारी यातायात, वाहनों से निकलने वाला धुआं और अन्य उत्सर्जन, निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों, अवैध पार्किंग तथा खुले में कूड़ा जलाने जैसे संभावित कारणों का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रत्येक क्षेत्र में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों को ध्यान में रखते हुए सुधारात्मक कदम तय किए जाएंगे।
संजय गोयल ने कहा कि प्रत्येक चिन्हित प्रदूषण हॉटस्पॉट के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें आवश्यक सुधारात्मक उपायों, जिम्मेदार एजेंसी और कार्रवाई पूरी करने की समयसीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाएगी। संबंधित विभागों के बीच समन्वय के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि समस्याओं का समाधान व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से हो। दिल्ली सरकार की ओर से आयोजित इन समीक्षा बैठकों के जरिए प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रयासों की निगरानी और विभिन्न एजेंसियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया जा रहा है।





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