Delhi: गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली में बड़े हथियार सिंडिकेट का भंडाफोड़, अवैध फैक्ट्री से हथियारों का जखीरा बरामद, पांच आरोपी गिरफ्तार
गणतंत्र दिवस समारोह से पहले राजधानी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने अवैध हथियार बनाने और उनकी सप्लाई करने वाले एक संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए पांच कुख्यात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 अवैध कट्टे, 12 जिंदा कारतूस और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह सिंडिकेट लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सक्रिय गैंगस्टरों और बदमाशों को अवैध हथियार सप्लाई कर रहा था।
डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास बेहद गंभीर है। इनमें उपेंद्र, जो मुजफ्फरनगर के खेड़ी रकधान गांव का रहने वाला है, हत्या और गैंगस्टर एक्ट के दो मामलों में पहले से शामिल रह चुका है। अशरफ अली, मेरठ के कैली दौराला गांव का निवासी है और उस पर भी हत्या व गैंगस्टर एक्ट के दो पुराने मामले दर्ज हैं। सतीश, जो मेरठ के कपसरह गांव का रहने वाला है, वह भी हत्या और गैंगस्टर एक्ट के मामलों में पहले से आरोपी रहा है।
इसके अलावा भरत, जो दिल्ली के पालम इलाके के राज नगर पार्ट-दो का रहने वाला है, उस पर हत्या के प्रयास और डकैती के छह मामले दर्ज हैं। वहीं इम्तियाज, द्वारका के सेक्टर-8 स्थित बगडोला गांव का निवासी है, जिस पर डकैती, झपटमारी और आर्म्स एक्ट के कुल आठ मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि इन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में सक्रिय अवैध हथियार निर्माण और तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अवैध हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और बड़ी मात्रा में कच्चा माल भी बरामद किया है। गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियां अवैध हथियारों के खतरे को लेकर पहले से ही सतर्क थीं। इसी कड़ी में दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने अवैध हथियारों के निर्माण और सप्लाई में शामिल अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था।
इस अभियान के तहत चार जनवरी को मिली एक पुख्ता सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर विजय कुमार बालियान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने राजोकरी टी-प्वाइंट, कापसहेड़ा के पास कार्रवाई करते हुए भरत नाम के तस्कर को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में भरत ने अवैध हथियार बनाने वाले पूरे सिंडिकेट का खुलासा किया और मेरठ के कैली गांव निवासी अशरफ अली के बारे में अहम जानकारी दी।
आरोपी ने बताया कि अशरफ अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध हथियारों की एक फैक्ट्री चला रहा था और वहां तैयार किए गए हथियारों की सप्लाई दिल्ली-एनसीआर, यूपी और हरियाणा के अपराधियों को की जाती थी। भरत की जानकारी के आधार पर पुलिस ने मेरठ के कैली गांव में छापेमारी की, जहां अवैध हथियार निर्माण यूनिट का भंडाफोड़ किया गया। इस छापेमारी में अशरफ अली, उपेंद्र और सतीश को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से गणतंत्र दिवस से पहले एक बड़ी साजिश को नाकाम किया गया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और किन-किन अपराधियों को हथियार सप्लाई किए गए थे।



