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Delhi Fire Tragedy: हौज खास के घर में AC फटने से लगी भीषण आग, पूर्व IAS अधिकारी धनेंद्र कुमार की मौत

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Delhi Fire Tragedy: हौज खास के घर में AC फटने से लगी भीषण आग, पूर्व IAS अधिकारी धनेंद्र कुमार की मौत

हौज खास इलाके में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां एक घर में एयर कंडीशनर (AC) फटने से भीषण आग लग गई। इस हादसे में देश के पहले भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के चेयरमैन और वरिष्ठ रिटायर्ड IAS अधिकारी धनेंद्र कुमार की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस तथा दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा 27 मई की रात करीब 11 बजकर 18 मिनट पर हुआ। हौज खास थाने में एक PCR कॉल के जरिए सूचना मिली कि मकान नंबर R-15 में आग लग गई है। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। दो दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक घर के अंदर मौजूद लोग धुएं की चपेट में आ चुके थे।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग AC की इनडोर यूनिट में ब्लास्ट होने के बाद लगी। देखते ही देखते आग और धुआं पूरे कमरे में फैल गया। घटना के समय घर में परिवार के सदस्य और घरेलू कर्मचारी समेत कुल पांच लोग मौजूद थे। धुएं के कारण घर के अंदर मौजूद लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।

इस दौरान 80 वर्षीय धनेंद्र कुमार की हालत गंभीर हो गई। उन्हें तुरंत AIIMS Trauma Center ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक धुआं अंदर जाने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। वहीं उनके बेटे को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया, हालांकि डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।

घटना के बाद क्राइम टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे घर की जांच की। पुलिस ने बताया कि इलेक्ट्रिकल सिस्टम और AC यूनिट की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके। मौके पर मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। फिलहाल पुलिस को किसी साजिश या आपराधिक एंगल के संकेत नहीं मिले हैं।

धनेंद्र कुमार देश के वरिष्ठ और प्रतिष्ठित प्रशासनिक अधिकारियों में गिने जाते थे। उनका जन्म वर्ष 1946 में हुआ था और उन्होंने 1968 बैच के IAS अधिकारी के रूप में अपनी प्रशासनिक सेवा शुरू की थी। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने केंद्र और हरियाणा सरकार में कई अहम पदों पर काम किया।

केंद्र सरकार में उन्होंने रक्षा मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय में सचिव के रूप में जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा वह ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर भी रहे। हरियाणा में उन्होंने करनाल और जींद के डिप्टी कमिश्नर के तौर पर भी सेवाएं दीं और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद पर भी कार्य किया।

धनेंद्र कुमार को हरियाणा में औद्योगिक विकास और इंडस्ट्रियल पार्क्स के विस्तार में अहम योगदान के लिए नेशनल सिटिजन्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। उन्हें सार्वजनिक मामलों में उत्कृष्ट कार्य के लिए मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी दी गई थी।

वर्ष 2005 से 2009 तक उन्होंने वर्ल्ड बैंक में भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में काम किया। इसके बाद फरवरी 2009 में उन्हें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) का पहला चेयरमैन नियुक्त किया गया। उनके कार्यकाल में भारत में प्रतिस्पर्धा कानून को मजबूत करने और बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।

रिटायरमेंट के बाद भी वह सार्वजनिक और कॉर्पोरेट मामलों में सक्रिय रहे। वह COMPAD के संस्थापक चेयरमैन थे और भारतीय कॉर्पोरेट कार्य संस्थान में स्कूल ऑफ कंपटीशन लॉ के प्रिंसिपल एडवाइजर एवं चीफ मेंटर के रूप में भी जुड़े हुए थे।

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