दिल्ली कांग्रेस ने जयंती पर याद किया रामबाबू शर्मा को : देवेन्द्र यादव
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राम बाबू शर्मा की जयंती के अवसर पर प्रदेश कार्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर स्व0 राम बाबू शर्मा के पुत्र पूर्व विधायक विपिन शर्मा भी मौजूद थे। राम बाबू शर्मा की जयंती के अवसर पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में देवेंद्र यादव के साथ पूर्व मंत्री डा0 नरेंद्र नाथ, पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज, भीष्म शर्मा, कुंवर करण सिंह,जितेन्द्र कुमार कोचर, जिला अध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह, सुमित शर्मा, जिला प्रभारी डॉ. पी.के मिश्रा, अश्वनी भारद्वाज ,पूर्व जोन चेयरमेन ईश्वर बागड़ी, परमानन्द शर्मा , अनिल गौतम नवीन चन्द्रा ,ब्लाक अध्यक्ष प्रताप शर्मा,संजय वर्मा ,मुकेश पांचाल ,कुलदीप भाटी ,परमानन्द शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता शामिल थे।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि राम बाबू शर्मा दिल्ली की राजनीति की एक कद्दावर शख्सियत थे, जिन्होंने अपने परिश्रम और पार्टी में योगदान के बलबूते ब्लॉक अध्यक्ष से लेकर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के पद तक की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया । राम बाबू शर्मा निर्वाचित प्रतिनिधि के रुप में निगम पार्षद और विधायक भी रहे। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष रहते हुए श्री राम बाबू शर्मा ने दिल्ली प्रदेश की बहुमंजिला इमारत बनाई, जो दिल्ली कांग्रेस परिवार का गौरव है। उनके द्वारा बनाए भवन के साथ जुड़े राम बाबू शर्मा के नाम को आने वाली पीड़िया भुला नही सकती। उनकी याद में इस भवन की पहली मंजिल के सम्मेलन कक्ष श्री राम बाबू शर्मा का नाम दिया है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि राम बाबू शर्मा ने निगम में स्थायी समिति के चेयरमैन के पद पर रहते हुए दिल्ली नगर निगम पर एकछात्र राज किया और दिल्ली की स्वच्छता, सफाई व्यवस्था के लिए उपयुक्त कर्मचारियों की भर्ती कर प्रदूषण जैसे संकट को दिल्ली में बढ़ने नही दिया था। देवेन्द्र यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने निर्धारित सिद्धांतों का निष्ठापूर्वक पालन करती है और कार्यकर्ताओं को अपने नेताओं के योगदान और बलिदानों को हमेशा याद रखने की शिक्षा दी जाती है, क्योंकि कांग्रेस पार्टी की विचारधारा प्रत्येक कार्यकर्ता के रक्त में समाई हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का गौरवशाली इतिहास है जो स्वतंत्रता से पहले और स्वतंत्रता के बाद हमारे नेताओं के महत्वपूर्ण योगदान ने देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।



